
जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं।
जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं। 2
मां दुर्गा सिंहवाहिनी, मां चित्रा शूलधारिणी, जया मां पिनाकधारिणी,
मां शांभवी नारायणी, महेश्वरी महोदरी, जय मां सर्वशस्त्रधारिणी।
मां रुद्रमुखी रत्नप्रिया, तपस्विनी वाराही मां, नित्या यति मां सद्गति,
मातंगी महाबल:, मुक्तकेश मां महातप:, जय मां अनेकशस्त्रधारिणी।
सुरसुंदरी तपस्विनी, अमेया अनंत अर्पणा, मां आदिशक्ति भगवती सुनो हम याचक नर तन धारी हैं।
जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं – 2
जय दुर्गा दुर्गुण नाशिनी मां महिषासुर का संहार किया।
जय कौशिकी क्रोधसंवारिणी मां धूम्रलोचन का उद्धार किया।
जय अंबा शोक निवारिणी मां शुंभ निशुंभ को तार दिया।
जय चामुण्डा भयहारिणी मां चंण्ड मुंण्ड को मार दिया।
जय काली खप्परवाली मां रक्तबीज भव पार किया।
मां दयानिधि, मां क्षमासिंधु, जय मां करुणाकर शुभामति।
मां कृपा करो, मां कष्ट हरो, जय मां जगदम्बा शक्तिमति।
अज्ञानी हम माया वश बेबस मैया संतान तुम्हारी हैं,
दैहिक भौतिक तापों में रत मैया बस आस तुम्हारी हैं।
जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं। 2
मुक्ति भुक्ति दायनीं शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्।
जपमालाकमण्डलु धराब्रह्मचारिणी शुभाभ्यम।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता नमाभ्यम।
वन्दे वांछित सिंहरूढाअष्टभुजा कुष्माण्डा यशस्वनीम्।
सिंहासनगता शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाताए वंदनम।
ललाटे विजया पातु मालिनी नित्य कात्यायनी नमोस्तुभ्यम।
लम्बोष्ठी जपाकरर्णपूरा खरास्थित कृष्णा कालरात्रि निर्भयकरम।
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः माता महागौरी शुभम।
कमलस्थितां चतुर्भुजा शख, चक्र, गदा, पदम, सिद्धीदात्री भजम्।
या देवी सर्व भूतेषू मातृ रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै-नमस्तस्यै-नमस्तस्यै नमो नम:।
मां पाप हरो, मां त्रास हरो, मैया के चरणों में स्वर्ग बिहारी है।
जय अम्बे जगदम्बे मैया
हम शरणागति तुम्हारी हैं। – 2
One Reply to “जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं।”
Leave A Comment
You must be logged in to post a comment.
Kalpkatha
जय माँ आदिशक्ति
जय माँ जगदम्बा