मनभावन सावन
- Dr PANKAJ KUMAR BARMAN
- 01/08/2025
- काव्य
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🌿 सावन मनभावन – 🌿 1. मेघा गरजें बिजली चमके, मनवा का सुख बढ़ जाए रे। 2. हरियाली से भू धर सजती, झूला झूले लुभाए रे॥ 3. कोयल बोले आम्र तरु ऊपर, बृज की छवि मुस्काए रे। 4. सखियाँ संग सजन के सपने, मन मृग झट हरषाए रे॥ 5. नदियाँ लहरें नाचे झूमें, वर्षा जल सुख लाए रे। 6. थिरकें …
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