साप्ताहिक प्रतियोगिता
- मंगल कुमार जैन
- 10/12/2025
- काव्य
- @कल्पकथा
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कल्पकथा साप्ताहिक आमंत्रण विचारों की उर्वर उड़ान विशेष विषय: कल्पनाक्रमांक कल्प/ दिसंबर 2025/ब कल्पना कल्पना से नहीं होता है काम। कल्पना से नहीं होता है नाम। केवल कल्पना से ही नहीं होते, इस धरती के सारे तीरथ धाम।। है नहीं कुछ भी करना आसान। बैठे-बैठे यूं ही नहीं बनते निशान। कुछ न कुछ करते रहो उद्योग, वरना भीड़ …
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