
!! “बीतते क्षण : एक आत्मकथा (जाते हुए लम्हे)”.!!
- Radha Shri Sharma
- 28/12/2024
- आत्मकथा
- प्रतियोगिता
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“हाँ भई! मैंने भी हँसते गाते ही प्रवेश किया था इस संसार में। ऐसे लग रहा है मानो कल की ही बात हो जब मैं यहाँ आया था। सारा विश्व मुझे देख का आह्लादित था। मैं भी हर्षित था। प्रफुल्लित था।”
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