८. !!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
प्रतियोगिता आमंत्रण क्रमांक :-कल्प/अक्तूबर/२०२४/क८/अष्टमी विषय: मां महागौरी विधा: काव्य गौर वर्ण प्रगटी मैया, महागौरी नाम हुआ नवरात्रि के अष्टम दिन, मां की पूजा का विधान हुआ मां महागौरी का श्वेत कुंद सा रंग श्वेत चंद्र और श्वेत शंख भी साजे मां के अंग चतुर्भुजा हैं शक्ति स्वरूपा अष्टबर्षा भवेद श्वेतांबर वस्त्र तन पर सोहे वाहन भी वृषभ …
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७.!!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
प्रतियोगिता आमंत्रण क्रमांक :-कल्प/अक्तूबर/२०२४/क६/सप्तमी विषय: मां कालरात्रि विधा: काव्य मां दुर्गा का सप्तम रूप, कालरात्रि है नाम रौद्र रूप में कल्याणी मां, भक्तों को देती अभयदान दुष्टों की मां संहारक है, इस जग की मां पालक है प्रेत पिशाच और निशाचर, सबके काल की कारक है। हुईं सवार गर्दभ वाहन पर, किया रक्त का पान शुभफल देने वाली …
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६. !!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
प्रतियोगिता आमंत्रण क्रमांक :- कल्प/अक्तूबर/२०२४/क ६/षष्टी विषय: मां कात्यायनी विधा: काव्य नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायिनी को पूजें हम माता की आराधना से मिलता है ऐसा फल जीवन में सब कुछ पाना हो जाता है सरल धर्म अर्थ मोक्ष और काम मां की पूजा से मिलता है मां का धाम कात्यायन ऋषि की कठिन तपस्या से …
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५. !!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
प्रतियोगिता आमंत्रण क्रमांक :-कल्प/अक्तूबर/२०२४/क५/पंचमी विषय: मां स्कंदमाता Favorite
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नवरात्रि पर्व: आध्यात्मिक दृष्टिकोण
नवरात्रि पर्व:आध्यात्मिक दृष्टिकोण या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः || नवरात्रि का पावन पर्व प्रारंभ हो गया है। हमारी संस्कृति के सुंदरतम त्योहारों में से एक नवरात्रि पर्व जो कि शक्ति की आराधना और उपासना को समर्पित है। हमारी सनातन संस्कृति में 33 कोटि देवी देवता कहे गए हैं जिसमे ईश्वर के नारी स्वरूप को …
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४. !!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
प्रतियोगिता आमंत्रण क्रमांक :-कल्प/अक्तूबर/२०२४/क४/चतुर्थी विषय: मां कुष्मांडा विधा: काव्य नवदुर्गा का चौथा रूप मां कुष्मांडा का सुंदर स्वरूप मां की महिमा अपरम्पार भक्तों का करती बेड़ा पार मां के चेहरे की छटा निराली है मां के बिन सब कुछ खाली है मां ने सृष्टि का सृजन किया सबको इक नव जन्म दिया सूर्य लोक के बीच विराजी सिंह वाहिनी अष्टभुजायिनी तुम …
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3. !!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
!! अश्विन मास शारदीय नवरात्र विशेष!! !! “विषय : मां चंद्रघंटा”!! विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक: कल्प/अक्तूबर/२०२४/क३/तृतीया विधा: काव्य भाषा : हिन्दी नवदुर्गा का तीजा रूप, चंद्रघंटा मां का स्वरूप निर्मल काया, सिंह असवार मां देती भक्तों को प्यार दस भुजाओं में शस्त्र सोहे कंठ में है श्वेत हार मस्तक पर चंद्र रूप घंटा मां सुनती हैं सबकी पुकार …
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!!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
!! अश्विन मास शारदीय नवरात्र विशेष!! !! “विषय : मां ब्रह्मचारिणी”!! विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक: कल्प/अक्तूबर/२०२४/क२/द्वितीया विधा: लेख भाषा : हिन्दी या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:। नवरात्रि का दूसरा दिन देवी ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. मां का एक नाम अपर्णा भी है।माता का स्वरूप बहुत ही अलौकिक माना गया है. देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना …
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!!”कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता”!!
प्रतियोगिता आमंत्रण क्रमांक :- कल्प/अक्तूबर/२०२४/क१/प्रथमा !! “कल्प सृजन प्रवाह प्रतियोगिता “!! !! अश्विन मास शारदीय नवरात्र विशेष!! विषय: मां शैलपुत्री शीर्षक: मां शैलपुत्री की आराधना या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः|| पर्वतराज हिमालय की पुत्री पार्वती के स्वरूप में साक्षात शैलपुत्री की पूजा देवी के मंडपों में पहले नवरात्र के दिन होती है। …
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