
🦚 “!! राधा कृष्ण की हँसी ठिठौली !!” 🦚
- पवनेश
- 26/08/2024
- काव्य
- हिंदी कविता
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राधा कृष्ण की हँसी ठिठौली
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राधा कृष्ण की हँसी ठिठौली
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शीर्षक: सप्तशती सारांश जो प्रतापी था, वह स्वजन से हारा गया,स्व प्रजा का बोझ ना, अब उससे धारा गया ।रण से हारा, लौट रहा था नगर को,मन से हारा, बल से ना वह मारा गया । नाम सुरथ था, न्याय में ना उसका कोई पार था,अपनी प्रजा, अपनी पत्नी, अपने पुत्रों से उसे प्यार था ।आज रण में हारकर, सबके …
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शीर्षक: यकीं है तुम मुझसे प्यार नहीं करते आज मैं ये यकीन से कह सकती हूं । कि….तुम मुझसे प्यार नहीं करते, जब रोते देखते हो,आंसू पोंछकर,फिर हंस देती हूं कुछ सोचकर, कभी बनते नहीं कारण हँसने का ,और तुम मेरे साथ कभी रोते भी नही,सोते हो साथ मेरे, पर साथ मेरे कभी होते नहीं, सुबह से लेकर रात तक,जीवन …
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