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!! व्यक्तित्व परिचय : बाल साहित्यकार मिहू अग्रवाल !!

🌸 कल्प भेंटवार्ता – बाल साहित्यकार विशेषांक 🌸

 

नागपुर, महाराष्ट्र की बाल लेखिका – मिहूं मनोज अग्रवाल (विद्यार्थी – कक्षा 10वीं)

 

!! “मेरा परिचय” !! 

 

नाम :- कुमारी मिहूं मनोज अग्रवाल नागपुर (महाराष्ट्र)

 

माता का नाम:- सौ. मेघा अग्रवाल 

पिता का नाम :- श्री मनोज अग्रवाल 

 

बहन :— कु. ईशा अग्रवाल 

 

जन्म स्थान एवं जन्म तिथि :- नागपूर /11/01/2011 

 

शिक्षा :- कक्षा 10वी 

 

व्यावसाय :- पढ़ाई 

 

वर्तमान निवास :- वी एच बी, शांति नगर कॉलोनी, नागपूर महाराष्ट्र 440002 

 

आपकी मेल आई डी :- मेघा agrawalmegha765@gmail.com 

 

आपकी कृतियाँ :- पापा की बिटियाँ रानी, मेरे पापा, ओ मेरे कान्हा, दिवाली आई, मेरे दोस्त, मेरे प्रिय शिक्षक आदि। 

 

आपकी विशिष्ट कृतियाँ :- मेरे प्यारे पापा, पापा की बिटियाँ रानी, ओ मेरे कान्हा। 

 

आपकी प्रकाशित कृतियाँ :- पापा की बिटियाँ रानी, मेरे प्यारे पापा, माँ जैसी बहन, दोस्त, दिवाली आई 

 

पुरूस्कार :- टग आफ वॉर विनर(खेल), विदर्भ राईजिगं स्टार विनर ( माडलिगं), डांस, 

खासदार महोत्सव (संगीत) 

बहुउद्देशीय संस्था दिल्ली (साहित्य) 

 

विशिष्ट स्थान :- खिताब( छोटी महादेवी वर्मा) 

 

 

!! “मेरी पसंद” !!

 

उत्सव :- होली

 

भोजन :- मारवाडी खाना

 

रंग :- काला 

 

परिधान :- घाघरा चोली, साड़ी 

 

स्थान एवं तीर्थ स्थान :- जयपुर, उज्जैन वओमकारेश्वर 

 

लेखक/लेखिका :- – – – – – 

 

कवि/कवयित्री :- कवियित्री मेघा अग्रवाल 

 

उपन्यास/कहानी/पुस्तक :- बौना आदमी, चंपक, पंचत्तत्र 

 

कविता/गीत/काव्य खंड :-कविता

 

खेल :- शतरंज, बैडमिंटन, टग आफॅ वारॅ

 

फिल्में/यदि देखते हैं तो) 🙁 पारावारिक) हम आपके है, कौन हम साथ साथ है 

धारावाहिक :—तारखा मेहता

 

आपकी लिखी हुई आपकी सबसे प्रिय कृति : पापा की बिटियाँ रानी 

 

 

 

!! “कल्पकथा के प्रश्न : मिहू के उत्तर” !! 

 

 

प्रश्न 1. मिहू जी, आपके जीवन की जड़ें जिस परिवार में पलीं, वह निस्संदेह प्रेरणास्रोत रहा होगा — माता-पिता के स्नेह और संस्कारों ने आपकी रचनात्मक उड़ान को किस रूप में दिशा दी?

 

मिहू जी :- मम्मी ने मुझे शब्द सुझाए व पापा ने पढने कि शैली। 

 

 

 

प्रश्न 2. शिक्षा जीवन का आधार है — कृपया बताइए, आपकी शैक्षणिक यात्रा अब तक कैसी रही और विद्यालय में आपके प्रिय विषय कौन-से हैं?

 

मिहू जी :- शिक्षण यात्रा अच्छी रही है प्रिय विषय:—- हिंदी 

 

 

 

प्रश्न 3. मिहू, आप देश की संतरा नगरी, बाघ राजधानी, और देश के केंद्र बिंदु “जहां शून्य मील का पत्थर अंकित है” यानि प्राचीन फणींद्रपुर, और आधुनिक नागपुर से है, हम आपसे आपके नगर को आपके ही शब्दों में जानना चाहते हैं।

 

मिहू जी :- नागपूर हमारी सतंरा नगरी व राजा भोसले की नगरी है। यहां प्राचीन सभ्यता देखने को मिलती है। यहां बहुत से 500/700 साल पुराने मंदिर हैं व गणेश जी का बहुत चमत्कारी 500 साल पुराना मंदिर है। इस नगर में महल, तालाब, वाडा, संग्रहालय, नदियां आदि है। नागपूर एक शांतिप्रिय नगर है 

 

 

 

प्रश्न 4. शास्त्रीय संगीत आत्मा की वाणी है — संगीत की इस सुरभित राह पर चलने की प्रेरणा आपको कहाँ से मिली?

 

मिहू जी :- क्योंकि संगीत विश्व की सबसे कारगर औषधि है। 

 

 

 

प्रश्न 5. बांसुरी और हार्मोनियम दोनों साधना के वाद्य हैं — जब आप इन्हें बजाती हैं, तो आपके मन में कौन-से भाव तरंगित होते हैं?

 

मिहू जी :- मुझे शांति महसूस होती है। तनाव दूर हो जाता है। 

 

 

 

प्रश्न 6. “विदर्भ की राइजिंग स्टार 2023” का ताज आपके सिर सजा — उस गौरव क्षण को याद कर बताइए, उस समय मन में कैसी लहरें उठीं?

 

मिहू जी :- मुझे उस समय बहुत खुशी महसूस हुई, पर मुझे यकीन नहीं हो पा रहा था कि मै विनर हू। 

 

 

 

प्रश्न 7. रस्साकस्सी प्रतियोगिता में तीन बार विद्यालय के लिए ट्रॉफी जीतना गर्व का विषय है — उस टीम भावना और परिश्रम ने आपको जीवन के क्या मूल्य सिखाए?

 

मिहू जी :- यही कि कभी हार नही मानना चाहिए और हमेशा कोशिश करते रहना चाहिए। 

 

 

 

प्रश्न 8. आपने अनेक सम्मान अर्जित किए — बुद्ध सम्मान, राधा श्री सम्मान, मारुति श्री सम्मान आदि में से कौन-सा सम्मान आपके हृदय के सबसे समीप है और क्यों? 

 

मिहू जी :- मुझे सभी सम्मान बहुत ही प्रिय हैं। सभी मेरे दिल के करीब है। 

 

 

 

प्रश्न 9. साहित्य, संगीत, खेल और मॉडलिंग — इतने विविध रंगों में खिलती आपकी प्रतिभा कैसे संतुलित रहती है? क्या इसके पीछे कोई विशेष अनुशासन या दिनचर्या है?

 

मिहू जी :- जी, यह मेरे परिवार के सहयोग से संभव हो पाया है। वह समय पर मुझे हर जगह ले जाते है। 

 

 

 

प्रश्न 11. आपकी कविताओं में रिश्तों की कोमलता और कृष्ण प्रेम की मधुरता झलकती है — इन विषयों ने आपके हृदय में ऐसा भाव कैसे जगाया?

 

मिहू जी :- मेरे परिवार का माहौल बहुत धार्मिक है। मुझे कान्हा जी अच्छे लगते है व मुझे अपने परिवार से प्यार है। 

 

 

 

प्रश्न 12. आप सरल भाषा में गहन भाव व्यक्त करती हैं — क्या आप मानती हैं कि साहित्य की सुंदरता उसकी सहजता में निहित होती है?

 

मिहू जी :- हाँ, सरल शब्द ही सबके समझ आते है। 

 

 

 

प्रश्न 13. हर कलम के पीछे कोई प्रेरक छवि होती है — कृपया बताइए, कौन-से कवि या कवयित्री आपके लिए आदर्श या पथप्रदर्शक हैं?

 

मिहू जी :- मेरी मम्मी 

 

 

 

 

 

प्रश्न 14. आपके विचार से एक सशक्त कविता में कौन-से तत्व आवश्यक होते हैं — भाव, भाषा या संवेदना?

 

मिहू जी :- भाव व भाषा

 

 

 

 

प्रश्न 15. मेरे पापा, माँ, थोड़ी सी ज़मीं थोड़ा-सा आसमाँ जैसे संकलनों में आपकी रचनाएँ प्रकाशित हुईं — इनमें से कौन-सा संग्रह आपके हृदय को सबसे अधिक छू गया और क्यों?

 

मिहू जी :- मेरे पापा यह हमारा पहला संकलन व पहली रचना लिखी थी साहित्यिक सफर में इसलिए यह मेरे दिल के निकट है। 

 

 

 

प्रश्न 16. अंत में, देश के उन नवांकुर बाल लेखकों को आप क्या संदेश देना चाहेंगी जो अभी अपनी कलम को उड़ान देना चाहते हैं?

 

 मिहू जी :- जो मन में आऐ लिख ले व पोस्ट के पहले बडों से शब्दो को पढवा ले ताकि गलत पोस्ट ना हो। 

 

✍🏻 वार्ता : मिहूं मनोज अग्रवाल

 

 

कल्प बाल व्यक्तित्व परिचय में आज नन्ही साहित्यकार मिहूं मनोज अग्रवाल जी से परिचय हुआ। ये नागपुर (महाराष्ट्र) से हैं एवं बाल्यावस्था से ही लेखन क्षेत्र में आ गई थीं। इनके साथ हुई भेंटवार्ता को आप नीचे दिये कल्पकथा के यू ट्यूब चैनल लिंक के माध्यम से देख सुन सकते हैं। 👇

 

https://www.youtube.com/live/-OI3H8E0-dA?si=6SNeXjAHOXON73YL

 

 

इनसे मिलना और इन्हें पढना आपको कैसा लगा? हमें कमेन्ट बॉक्स में कमेन्ट लिख कर अवश्य बताएं। हम आपके मनोभावों को जानने के लिए व्यग्रता से उत्सुक हैं। 

मिलते हैं अगले सप्ताह एक और विशिष्ट साहित्यकार से। तब तक के लिए हमें आज्ञा दीजिये। 

राधे राधे 🙏 🌷 🙏 

 

 

✍🏻 लिखते रहिये, 📖 पढते रहिये और 🚶बढते रहिये। 🌟 

 

✍🏻 प्रश्नकर्ता : कल्प भेंटवार्ता प्रबंधन

 

 

🪔 प्रस्तुतकर्ता – प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी बाबा एवं कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार

 

कल्प भेंटवार्ता

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