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!! स्थापना माह विशेष : कल्प भेंटवार्ता : एक संध्या पीढ़ीगत साहित्यकारों के साथ !!

🦚🎁 !! स्थापना माह विशेष : कल्प भेंटवार्ता : एक संध्या पीढ़ीगत साहित्यकारों के साथ !! 🎁🦚

 

🪔 !! कल्प भेंटवार्ता : एक संध्या साहित्यकार के साथ !! 🪔

 

!! “व्यक्तित्व परिचय : श्रीमती सुधा शर्मा” !! 

 

नाम -सुधा शर्मा

 

माता पिता का नाम- स्व. श्रीमती चम्पा वती, स्व. श्री जयप्रकाश जी 

 

 जन्म स्थान एवं जन्म तिथि – खतौली जिला मुजफ्फरनगर 12जून1957 

 

पति -श्री नरेश चंद 

 

बच्चों के नाम-अमित, पारुल, गुंजन व स्वाति

 

 शिक्षा -एम ए, (राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी)बी एड तथा आईजीडी बॉम्बे 

 

व्यवसाय- अध्यापन, वर्तमान में केवल लेखन में सक्रिय व समाज सेवा।

 

वर्तमान निवास – 557/6, शिव शक्ति नगर मेरठ उत्तर प्रदेश 

 

मेल आईडी -sudha12march@gmail.com

 

कृतियां – एकांकी नाटक,खंडकाव्य, बाल उपन्यास, महाकाव्य, उपन्यास 

लघु उपन्यास, कविता, कहानियां, गीत,लेख, बाल उपन्यास, बाल कविताएं।

 

विशिष्ट कृतियां – महाकाव्य युगस्रष्टा -महर्षि दयानंद, खंडकाव्य ‘प्रकृति ब्रह्म और मानव’, उपन्यास ‘आखिर क्यों?, धुंधला उजाला, ऐसे तो न दुत्कारो, प्रतिशोध, अपराजिता, शुद्धि।

प्रकाशित कृतियां – दिल्ली प्रेस पत्रिका में कहानियां,लेख। 

 

 विशिष्ट कृतियां -महाकाव्य,खंडकाव्य, उपन्यास , कविता, कहानियां,लेख।

 

प्रकाशित कृतियां – दिल्ली प्रेस पत्रिका की पत्रिकाओं ,मेरी सहेली पत्रिका, जाह्नवी, रचना आर्ग , सहोदरी इत्यादि में कहानी प्रकाशित। रचना आर्ग में कहानियां, कविताएं, नाटक, लघुकथा, यात्रा संस्मरण। कनाडा पत्रिका हिंदी चेतना, पुस्तक भारती में लेख, लघुकथा। स्टोरी मिरर में कहानियां कविताएं, जनसत्ता व नवभारत मुम्बई समाचारपत्र में कविता, आल इंडिया रेडियो नजीबाबाद केन्द्र से कविता, कहानी, चर्चा परिचर्चा, नाटक, कहानी।

 

इन्द्र प्रस्थ भारती सितंबर 2023 तथा अप्रैल 2025 हिंदी अकादमी, दिल्ली की पत्रिका में कविताएं ।

सहोदरी सोपान -७में ४ में कविताएं, क्रांति रश्मियाॅं में रचना,सहोदरी में कहानी, पर्यावरण प्रहरी में तथा नमो गंगे में कविताएं प्रकाशित।

 

भारतीय प्रसारण निगम के नजीबाबाद केंद्र से समय-समय पर कविताएं, वार्ता और परिचर्चा, का प्रसारण तथा 2023में वैदिक ग्रंथों में प्रकृति का महत्व पर वार्ता

23जनरी2025 को पुरुष उत्पीड़न सत्य या भ्रम विषय पर नजीबाबाद रेडियो पर परिचर्चा में सहभागिता।

 

रेडियो नाटक -’ परहेज’। प्रसार भारती नजीबाबाद से प्रसारित 6मार्च 2025

रेडियो नजीबाबाद केन्द्र पर कहानी वाचन

दूरदर्शन नेशनल चैनल -1 लखनऊ पर कविता पाठ 19 march 2025को तथा 23 March को।

साक्षात्कार – रेडियो मिर्ची मरवाह स्टूडियो नोएडा में साक्षात्का।

भारतीय भाषा परिषद कोलकाता और हिंदी पत्रिका सदीनामा के संयुक्त आयोजन राष्ट्रीय संगोष्ठी में 15 फरवरी 2020 को सहभागिता तथा वक्तव्य।

 

पुरस्कार तथा सम्मान :– जैन भारतीय संस्था द्वारा जैन भारती रत्न सम्मान।

संस्कार भारती द्वारा दो बार सम्मान 

कादंबरी प्रकाश फाऊंडेशन से प्रकाश विशिष्ट रचना सम्मान।

 ब्राह्मण उत्थान समिति द्वारा सम्मान ।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशिष्ट हस्तशिल्प पुरस्कार 26 जनवरी 2017 

क्रांतिधरा मेरठ साहित्य महाकुंभ द्वारा क्रांति धरा साहित्य रत्न सम्मान 2017,2019,2020 और 2023 में ।

ग्रीन केयर सोसाइटी द्वारा पर्यावरण पर्यावरण प्रहरी सम्मान।

 गुगन राम एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सम्मान श्रीमती रज्जी देवी नंदराम सिहाग सम्मान ।

भाषा सहोदरी हिंदी दिल्ली द्वारा अंतरराष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन में सम्मान।

 यू पी फिल्म फोटो जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन मेरठ द्वारा 2023 फिल्म मीडिया अवार्ड।

 2019 में ऑनलाइन कवि सम्मेलन में काव्य संग्रह मंच द्वारा सर्वश्रेष्ठ काव्य पाठ सम्मान ।

अंतर्राष्ट्रीय महिला मंच द्वारा नारी गौरव सम्मान ।

वाह-वाह क्या बात है मंच द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान । लोटस लेटेस्ट द्वारा लोटस ऑफ लेटर।

 स्टोरी मिरर द्वारा लिटरेचर लेफ्टिनेंट तथा लिटरेरी कैप्टन सम्मान 

आजादी का अमृत महोत्सव में संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देशभक्ति गीत को मिला प्रथम राज्य साहित्य गौरव सम्मान। तथा महिला पतंजलि योग समिति मेरठ द्वारा संस्कृति संवाहिका सम्मान ।

 हमारा प्यारा हिंदुस्तान संस्था द्वारा वीरांगना सम्मान। हमारा प्यारा भारत मंच द्वारा साहित्य गौरव सम्मान ।

 श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति इंदौर द्वारा साहित्य गौरव सम्मान । 

31वां अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन गाजियाबाद में सहभागिता तथा सम्मान।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद न्यास वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी के केंद्रीय विषय 

लोक जीवन में राम पर व्यक्तव्य व सम्मान।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद न्यास द्वारा आयोजित 

महिला साहित्यकार सम्मेलन गुजरात आणंद में वक्तव्य।

आगमन सावन उत्सव हिंदी भवन, आई टी ओ, नई दिल्ली आयोजित डाॅ सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक सम्मान -2044 ।  

महिला काव्य मंच द्वारा श्रेष्ठ अध्यापक सम्मान ।

निर्दलीय प्रकाशन व समाचारपत्र भोपाल द्वारा 6जुलाई को भोपाल में सम्मान।

 

 

 

!! मेरी पसंद !! 

 

 क्रियाकलाप : ड्राइंग एवं पेंटिंग, लेखन, संगीत, गार्डनिंग, और भ्रमण विशेष रूप से प्राकृतिक स्थान।

 

उत्सव- दीपावली 

 

भोजन- कढी चावल, छोले भटूरे, 

 

रंग – ब्लू इंडिगो 

 

परिधान- भारतीय साड़ी, वैस्टर्न 

 

स्थान व तीर्थ स्थान – प्राकृतिक स्थल,

 

लेखक/लेखिका – रामचन्द्र शुक्ल, शिवानी जी 

 

कवि/कवयित्री – जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा 

 

उपन्यास/कहानी/पुस्तक/कविता/गीत/काव्य खंड- गुनाहों का देवता/ पूस की एक रात/ तमस/ बीती विभावरी जाग री/ / भरत

 

खेल- रूचि नहीं 

 

फिल्में/ धारावाहिक – उद्देश्यपूर्ण/ बालिका वधू, रामायण, महाभारत, 

 

स्वरचित सबसे प्रिय कृति – प्रकृति, ब्रह्म और मानव 

 

 

 

 

 

!! “व्यक्तित्व परिचय : श्रीमती स्वाति अतुल शर्मा ” !! 

 

नाम :- श्रीमती स्वाति शर्मा अतुल जी, 

 

माता/पिता का नाम :-श्रीमती सुधा शर्मा/ श्री नरेश चंद 

 

जन्म स्थान एवं जन्म तिथि (यदि सहज हो तो) :- मेरठ/ 10 सितंबर 

 

पति/पत्नी का नाम :- श्री अतुल मलिक 

 

बच्चों के नाम :- कुमार मैत्रेय मलिक 

 

शिक्षा :-B.Tech ,MBA ,PGAPM

 

व्यावसाय :- प्रोजेक्ट मैनेजर 

 

वर्तमान निवास :-नोयडा 

 

आपकी मेल आई डी :- ss.knit@gmail.com 

 

आपकी कृतियाँ :- सुधा अमृत, 5 काव्य संकलन, 4 गद्य संकलन 

 

आपकी विशिष्ट कृतियाँ :-

 

आपकी प्रकाशित कृतियाँ :-सुधा अमृत, 5 काव्य संकलन, 4 गद्य संकलन 

 

पुरूस्कार एवं विशिष्ट सम्मान :-राबता काव्य रत्न, आगमन कवि कोविद, आगमन सखावत सम्मान, वन्देमातरम के 150 वर्ष के उपलक्ष में सम्मान, राष्ट्रीय नदी संस्कृति सम्मान, संस्कार भारती ,अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं अन्य 

 

 

!! “मेरी पसंद” !!

 

उत्सव :- दिपावली, कृष्ण जन्माष्टमी 

 

भोजन :- दूध, भारतीय व्यंजन 

 

रंग :- सफेद 

 

परिधान :- सारी 

 

स्थान एवं तीर्थ स्थान :- अंडमान निकोबार, लद्दाख 

 

लेखक/लेखिका :- जय शंकर प्रसाद 

 

कवि/कवयित्री :-महादेवी वर्मा 

 

उपन्यास/कहानी/पुस्तक :- 

 

कविता/गीत/काव्य खंड :-उर्वशी 

 

खेल :-क्रिकेट 

 

फिल्में/धारावाहिक (यदि देखते हैं तो) :- देवदास, अर्थ,पार्टी 

 

आपकी लिखी हुई आपकी सबसे प्रिय कृति :- राम 

 

 

 

🌸!! “कल्पकथा प्रश्नावली :- दो पीढ़ियाँ : बीस प्रश्न” !! 🌸

 

1. (सुधा शर्मा जी से)

माँ, शिक्षिका और साहित्यकार—इन तीनों भूमिकाओं के बीच आपने जीवन को किस सूत्र में बाँधकर संतुलित किया, और इस यात्रा में सबसे कठिन मोड़ कौन-सा रहा?

 

सुधा जी :- बच्चों के भविष्य को प्रधानता । कठिन मोड़ बच्चों से जुदाई।

 

 

 

2. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

साहित्यिक वातावरण में पली-बढ़ी होने के कारण, क्या आपके भीतर रचनात्मकता स्वाभाविक रूप से विकसित हुई या आपने इसे एक सजग साधना की तरह अपनाया?

 

स्वाति जी : मेरे भीतर रचनात्मक स्वाभाविक रूप से विकसित हुई | मैं कक्षा 7 से लिखती हूँ माताजी और भैया को बचपन से लिखते देखा रात्रि में सोते समय बहुत विचार आते तो उन्हें डायरी में लिखने लगी | साहित्यिक वातावरण और हिंदी मे रुचि एक बहुत बड़ा कारक रही | बचपन से ही माता जी की कहानियां, उपन्यास, पढ़ने का बहुत शौक रहा 

 

 

 

 

3. (सुधा शर्मा जी से)

आपकी रचनाओं में प्रकृति, समाज और स्त्री-चेतना समान रूप से मुखर दिखाई देती है—इनमें से किस संवेदना ने आपको सबसे अधिक आंदोलित किया?

 

सुधा जी :- प्रकृति के विनाश ने

 

 

 

 

4. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

जब आप अपनी माता को मंच, रेडियो या दूरदर्शन पर सुनती-देखती हैं, तब एक पुत्री के मन में गर्व अधिक होता है या प्रेरणा? 

 

स्वाति जी : माता जी ने बहुत संघर्ष से हम बच्चों को पाला है उन्हें बहुत मेहनत करते देखा शुरू से, साहित्य, परिवार, कार्य सभी जगह पूर्ण भाव से माता जी का झुकाव रहा | उनको विभिन्न मंचों पर देखना निश्चित ही गर्व की बात रहीं | हमेशा प्रसन्नता और गर्वीले क्षण रहे | प्रेरणा तो हमेशा ही रहीं | जिसकी माँ इतनी जुझारू महिला हो क्यूँ न गर्व और प्रेरणा का स्रोत होता

 

 

 

5. (सुधा शर्मा जी से)

आपने अध्यापन से लेखन तक की यात्रा तय की—क्या शिक्षण अनुभव ने आपके साहित्य को अधिक मानवीय और संवादात्मक बनाया?

 

सुधा जी :- .हां, 

 

 

 

6. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

आज की युवा पीढ़ी त्वरित अभिव्यक्ति की आदी है—आप साहित्य को धैर्य और गहराई से जुड़ी साधना के रूप में कैसे देखती हैं?

स्वाति जी :- साहित्य समाज का आईना है पर साहित्य समाज मे बदलाव भी लाता है धर्य और गहराई निश्चित ही सततता लाता है 

 

 

 

7. (सुधा शर्मा जी से)

रेडियो नाटक, कविता पाठ और परिचर्चाओं में आपकी सक्रियता रही है—आपके अनुसार शब्दों की शक्ति मंच पर अधिक प्रभावी होती है या लेखन में?

 

सुधा जी :- लेखन में

 

 

8. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

माता-पुत्री के इस साझा मंच पर आना आपके लिए भावनात्मक रूप से क्या अर्थ रखता है—संवाद, संयोग या संस्कारों की निरंतरता?

 

स्वाति जी :- संस्कारों की निरंतरता 

 

 

 

9. (सुधा शर्मा जी से)

आपके महाकाव्य और उपन्यासों में सामाजिक प्रश्न गहरे हैं—क्या साहित्य को आप परिवर्तन का औजार मानती हैं?

 

सुधा जी :- बिलकुल, लेखनी तो प्रारंभ से ही परिवर्तन का औजार रही है। कलम से तो बड़ी बड़ी क्रांति संभव है।

 

 

 

10. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

आप अपनी पीढ़ी की महिलाओं को किस दृष्टि से देखती हैं—संघर्षरत, सशक्त या आत्मनिर्भर रचनाकार?

 

स्वाति जी :- सशक्त रचनाकार जो अपनी बात कहना जानती है और रखना भी 

 

 

 

11. (सुधा शर्मा जी से)

इतने विविध पुरस्कार और सम्मान प्राप्त करने के बाद भी, क्या कोई ऐसा क्षण है जिसे आप अपनी सबसे बड़ी साहित्यिक उपलब्धि मानती हैं?

 

सुधा जी :- हां अमृत महोत्सव में प्रदेश स्तर पर देशभक्ति कविता का प्रथम पुरस्कार मिलना, उत्तर प्रदेश सरकार से विशिष्ट पुरस्कार प्राप्ति, हिंदी साहित्य अकादमी की पत्रका में कविताएं प्रकाशित होना।

 

 

12. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

माँ से मिले कौन-से संस्कार या सीख हैं, जिन्हें आप अपने जीवन का स्थायी दीप मानती हैं?

 

स्वाति जी :- जुझारूपन, आत्मविश्वास और उत्साहपूर्ण संकल्प

 

 

 

13. (सुधा शर्मा जी से)

आपकी बाल रचनाएँ विशेष रूप से चर्चित रही हैं—बच्चों के लिए लिखते समय आपकी संवेदना किस रूप में बदल जाती है?

 

सुधा जी :- बिलकुल बचपन में पहुंच जाती हूॅं।

 

 

 

14. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

आज जब साहित्य डिजिटल माध्यमों में सिमट रहा है, आप परंपरागत साहित्यिक मूल्यों को कैसे जीवित देखती हैं?

 

स्वाति जी :- देखिए डिजिटल होना गलत नहीं पर आप अपने मूल्यों जड़ों ,संस्कारों को नहीं नहीं छोड़ सकते जो कण कण मे निहित है। 

 

 

 

15. (सुधा शर्मा जी से)

एक ही परिवार में दो पीढ़ियों का साहित्यिक संवाद—आपके लिए यह अनुभव भावनात्मक है या वैचारिक रूप से अधिक समृद्ध?

 

सुधा जी :- भावनात्मक और वैचारिक दोनों ही प्रकार से समृद्ध।

 

 

 

16. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

यदि आपको अपनी माँ की किसी एक रचना को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर मिले, तो वह कौन-सी होगी और क्यों?

 

स्वाति जी :- प्रकृति और मानव अत्यंत अद्भुत रचना जो साक्षात हमारे विकास की परिभाषा और प्रकृति की वेदना को दर्शाता है हम मानव विकास के नाम पर माँ प्रकृति के साथ कितना दुर्व्यवहार कर रहे है यह रचना जागृत करती है। 

 

 

 

 

17. (सुधा शर्मा जी से)

स्त्री-लेखन को लेकर समाज की दृष्टि में क्या परिवर्तन आया है, और अभी कौन-सी चुनौतियाँ शेष हैं?

 

सुधा जी :- समाज में बहुत परिवर्तन आया है। स्त्रियों का सम्मान बढ़ा है लेकिन स्त्रियों में भी अब नैतिकता की कमी आई है जो चुनौती पूर्ण है।

 

 

 

18. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

आप भविष्य के साहित्य को किस रूप में देखती हैं—परंपरा से जुड़ा हुआ या नवाचार से भरा हुआ? 

 

स्वाति जी :- मैं सोचती हूं कि भविष्य का साहित्य पारंपरिक ता लिए नवाचार को सारगर्भित करे |विस्तृत और नवीन हो पर संस्कारी और सुगंधित भी। 

 

 

 

 

19. (सुधा शर्मा जी से)

यदि आज की युवा लेखिकाओं को आप एक ही वाक्य में संदेश देना चाहें, तो वह क्या होगा?

 

सुधा जी :- समाज की समस्याओं को ईमानदारी से व निर्भीकता से उठाएं।

 

 

 

20. (स्वाति शर्मा अतुल जी से)

इस साझा मंच से आप अपनी पीढ़ी के युवाओं को क्या प्रेरक संदेश देना चाहेंगी—साहित्य, जीवन और संवेदना के संदर्भ में?

 

स्वाति जी :- हमारे पारंपरिक, वैचारिक और साँस्कृतिक मूल्यों को देखते हुए भारतीय संस्कृति अत्यंत महत्वपूर्ण, महान और आत्मसात करने वाली है इसकी अवहेलना और अज्ञान बहुत दुख पूर्ण है आजकल की पीढ़ी को अपने मूल्यों, संस्कारों में विश्वास जागृत कर उनका सम्मान करना चाहिए न कि पाश्चात्य संस्कृति की आड़ में अपने मूल्यों को भूलना |

 

 

✍🏻 वार्ता : श्रीमती सुधा शर्मा जी व श्रीमती स्वाति शर्मा जी 

 

 

कल्पकथा स्थापना माह विशेष में आपका परिचय पीढ़ीगत दो साहित्यकारों से कराने का विशेष प्रयास करते हुए हम बात कर रहे हैं माँ बेटी की साहित्यिक जोड़ी से। इनसे विस्तार से सुनने व देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल पर जाएं 👇

 

https://www.youtube.com/live/G–kZeeB5tI?si=QdbgjR4XJpEQGm-I

 

इनसे बातें करना व मिलना आपको कैसा लगा? आप हमें कमेन्ट में बता सकते हैं। आपकी विशिष्ट प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी। 

 

मिलते हैं अगले सप्ताह एक और साहित्यिक पीढ़ी के साथ। तब तक के लिए हमें आज्ञा दीजिये। 

राधे राधे 🙏 🪷 🙏 

 

✍🏻 लिखते रहिये 📖 पढ़ते रहिये और 🚶 बढ़ते रहिये ✴️ 

 

✍🏻 प्रश्नकर्ता : कल्प भेंटवार्ता प्रबंधन 

 

🦚 आयोजक :कल्प प्रमुख श्री राधा गोपीनाथ बाबा 

 

कल्प भेंटवार्ता

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