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🇮🇳”साप्ताहिक कल्प संवादकुंज – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस विशेष” 🇮🇳

🇮🇳”साप्ताहिक कल्प संवादकुंज – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस विशेष” 🇮🇳

 

🪩 कल्प संवादकुंज:- “पोखरण परमाणु परीक्षण:- महाशक्ति उदय” 🪩

 

⏳ “समयावधि: दिनाँक ०७-मई-२०२५ बुधवार सायं ६.०० बजे से दिनाँक १३-मई-२०२५ मंगलवार मध्य रात्रि १२.०० बजे (भारतीय समयानुसार) तक।” ⏲️

 

☘️ “विधा – लेख (वैचारिक)” ☘️

📝 “भाषा:- हिन्दी (देवनागरी लिपि)” 📝

 

🪭 “विषय विशेष- सफल पोखरण परमाणु परीक्षण के संबंध में आपके सम्मानित विचार।” 🪭

Kalp Samwad Kunj

3 Comments to “🇮🇳”साप्ताहिक कल्प संवादकुंज – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस विशेष” 🇮🇳”

  • Kalp Samwad Kunj

    🇮🇳”साप्ताहिक कल्प संवादकुंज – राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस विशेष” 🇮🇳
    🪩 कल्प संवादकुंज:- “पोखरण परमाणु परीक्षण:- महाशक्ति उदय” 🪩
    ☘️ “विधा – लेख (वैचारिक)” ☘️
    📝 “भाषा:- हिन्दी (देवनागरी लिपि)” 📝

    🪭 “विषय विशेष- सफल पोखरण परमाणु परीक्षण

    सफल पोखरण परमाणु परीक्षण

    भारत सरकार द्वारा 18 में 1974 को स्माइलिंग बुद्ध के कोड नाम से यह परीक्षण हुआ था और 1998 में ऑपरेशन शक्ति के नाम से 5 और परीक्षण किए गए थे 11 में और 13 में 1998 को भारत में पोखरण प्रशिक्षण में पांच और परमाणु परीक्षण किया इन परीक्षणों को ऑपरेशन शक्ति के नाम से जाना गया इसका प्राथमिक उद्देश्य भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ना और परमाणु सुरक्षा के संदर्भ में एक विश्वसनीय निवारक शक्ति बनाना था।

    भारत के परमाणु नीति विशेष कार्यक्रम-
    पोखरण परीक्षणों के बाद भारत में एक परमाणु निवारक नीति अपनाई जो नो फर्स्ट यूज की नीति पर आधारित थी इसका मतलब है कि भारत परमाणु हथियारों का इस्तेमाल केवल तभी करेगा जब उसके ऊपर परमाणु हमले हो अंतरराष्ट्रीय समुदाय में काफी प्रतिक्रियाएं पैदा की कई देशों ने भारत पर अधिक प्रतिबंध भी लगे क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि परमाणु परीक्षण हो इसकी आलोचना में सभी देश भारत के विरोधी बन चुके थे फिर भी 13 मई 1998 को राजस्थान रेगिस्तान में पोखरण रेंज में उन्नत हथियार डिजाइन के पांच परमाणु परीक्षण किए गए पहले तीन विस्फोट 11 में को 3:45 पर IST पर एक साथ एकत्रित हुए।
    इनमें एक 45 कट थर्मो न्यूक्लियर डिवाइस एक 15 टन विखंडन डिवाइस और एक 0.2 टन सब किलो टन यानी( एक किलो टन से कम) शामिल थे।
    पोखरण परमाणु परीक्षण अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में संपन्न हुआ था 20 मई को बुद्ध स्थल पहुंचे वहीं प्रधानमंत्री ने एक नया नारा का आवाहन किया
    जय जवान, जय किसान ,जय विज्ञान सभी देशभक्त स्वयं में प्रफुल्लित हो उठे इस नारे से सभी के अंदर देशभक्ति एवं देश के हित हेतु लहर उठने लगे किंतु अमेरिका, फ्रांस ,जापान ,चीन आदि देशों ने भारत को आर्थिक मदद करने से सख्त मना कर दिया और जोरदार धमकियों का सिलसिला यहीं से शुरू हुआ किंतु भारत इन धमकियों की वजह से ना झुका और अपने सफल पोखरण परमाणु परीक्षण को एक नया मुकाम दिया यह परीक्षण किया।
    यह भारत को परमाणु हथियारों के साथ एक विश्वसनीय निवारक बनाने और अन्य देशों को परमाणु हमले से रोकने के लिए आवश्यक था।
    परमाणु परीक्षण करने का कारण क्या था?
    इसका मात्र एक कारण कि चीन व पाक से बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से लड़ने हेतु तैयार किया गया।
    दूसरा परमाणु से देश की मजबूती को बढ़ावा देना।
    तीसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखने और सुरक्षा को मजबूती ।
    भारत में पोखरण परमाणु परीक्षण से कई महत्वपूर्ण प्रभाव पड़े।
    यह परीक्षण भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में स्थगित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया और इसने भारत की सुरक्षा और व्यवसायिक स्थिति को बहुत हद तक अग्रसर करके विकसित किया।
    इन परीक्षणों के परमाणु स्वरूप भारत को परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में मान्यता मिली इन परीक्षणों ने दुनिया भर में खासकर अमेरिका अन्य देश में भारत के प्रति आर्थिक प्रतिबंधों का नेतृत्व करना था।
    इन परीक्षणों में सबसे महत्वपूर्ण योगदान भारत के वैज्ञानिक व इंजीनियर का रहा जिनका मात्र एक यही उपदेश रहा कि भारत जो हमारा देश है वो सशक्त बने और हर क्षेत्र में आगे बढ़े इसलिए उन्होंने परमाणु परीक्षण को लागू करना सही समझा इसलिए भारत में 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा जो इन परीक्षणों में योगदान देने वाले वैज्ञानिक और इंजीनियरों को याद एवं स्मरण करने का दिन होता है।
    पोखरण को प्रशिक्षण स्थल के रूप में चूनने का मात्र एक उपदेश रहा की पोखरण नामक क्षेत्र रेगिस्तानी क्षेत्र था जहां आबादी बहुत ही कम थी और जमीन विस्तार में थी जिससे सुरक्षा सुनिश्चित हुई और यहां परीक्षण करना भी सही था।
    यहां बड़े-बड़े कुएं खोज कर परमाणु बम रखे गए जिससे परीक्षण स्थल सुरक्षित संपन्न हुआ और देश के लिए सफल पोखरण परमाणु परीक्षण का आगाज पूरे विश्व में संपन्न हुआ।

    ज्योति राघव सिंह
    वाराणसी-( उत्तर प्रदेश)
    वर्तमान पता -( लेह-लद्दाख)

  • Kalp Samwad Kunj

    !! कल्प संवाद कुंज!!
    ! पोखरण परमाणु परीक्षण:–महा शक्ति उदय!
    ” शामयाविधि दिनांक 7/५ बुधवार सायं 6:00 बजे से 13/५/२०५ रात्रि 12:00 बजे !
    विधा:– लेख (वैचारिक)
    भाषा हिंदी (देवनागरी लिपि )
    ! ! विषय विशेष !! :- सफल पोखरण परमाणु परीक्षण के संबंध में आपके विचार:—-
    सफल पोखरण परीक्षण दिवस, मार्च के महीने में 11 तारीख को मनाया जाता है । यह दिवस प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह परीक्षण 11/ 5/ 1998 को भारत में राजस्थान के पोखरण में भूमिगत परमाणु परीक्षण पांच बमो के साथ आयोजित किया गया और यह एक सफल परीक्षण घोषित हुआ । यह प्रशिक्षण पूर्ण रूपेण गुप्त रखा गया था सफलता मिलते के बाद इस परिक्षण ने पूरे विश्व को अचम्भित कर दिया।
    इस सफल परमाणु बम परीक्षण के बाद भारत वर्ष भी एक परमाण्विक बम शस्त्र वाला देश घोषित हो गया इसके द्वारा देश को तथा सैन्य शक्ति को बहुत ही आत्म बल प्रदान हुआ इस पूरे परीक्षण को तब तक गोपनीय रखा गया जब तक की यह पूर्ण रूप से सफल नहीं हो गया कानों कान इसकी किसी देश को खबर नहीं हुई यह परीक्षण मईके महीने में जब राजस्थान की मरुस्थल भूमि पर धूल भरी आंधियां चलती है जिससे सेटेलाइट से पूर्ण रूप से चित्र लेना असंभव होता है ऐसे समय में यह परीक्षण किया गया और सफल रहा ।
    विश्व में इस परीक्षण के द्वारा भारत ने इतिहास रचा ।। इस परीक्षण को……… “ऑपरेशन शक्ति” का नाम दिया गया ।
    इस मिशन का नेतृत्व:—– स्व०डा०एपीजे.अब्दुल कलाम,ने किया । यह मिशन गुप्त रूप से पूरा किया गया । इस मिशन के पूर्ण करते समय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी रक्षा मंत्री स्व० जॉर्ज-
    फन्नाडीस,स्व०एपीजे.अब्दुल कलाम, और परमाणु ऊर्जा प्रमुख चिदंबरम जी थे ।
    आज “ऑपरेशन शक्ति” के परमाणु परीक्षण पूर्ण हुए 27 साल व्यतीत हो गये । जिसे हम सब आज भी प्रतिवर्ष प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मानते हैं ।
    इस सफल परीक्षण के पूर्ण हो जाने पर विश्व में इसकी चर्चा बहुत ही तेजी से फैली तथा हमारा भारत वर्ष देश परमाण्विक ऊर्जा से ऊर्जावान होकर पूरे विश्व में गौरवान्वित हो गया।
    द्वारा:–पंं० अवधेश प्रसाद मिश्र(“मधुप”) … ग्राम-फूलेश जनपद–आज़मगढ़। बनारस…
    ….. 11/5/2025……
    ***********************************
    .

  • Kalp Samwad Kunj

    कल्प संवाद कुंज,,
    विषय,,पोखरण परमाणु परीक्षण।
    की वर्षगांठ महाशक्ति का उदय,,,।
    राष्ट्रीय प्रौद्योगिक दिवस,,।
    विचार,,,।
    13-5-2025
    ,,राजस्थान के पोखरण मे भूमिगत परमाणु परीक्षण पांच बमो के साथ दिनांक 11-5-1998को आयोजित किया गया। जो गुप्त रूप से सफल परीक्षण विश्व मे आश्चर्य सावित रहा।
    जिसे आपरेशन शक्ति रूप प्रदान कर पूर्व राष्ट्र पति अब्दुल कलाम द्वारा मिशन का नेतृत्व किया गया। जो प्रतिवर्ष प्रौद्योगिक दिवस के रूप मे हम भारतीयो के लिए गर्व का पर्व है।
    स्माइल बुद्धा 18मई 1974को हुआ और दूसरा आपरेशन शक्ति 11,13मई 1998को हुआ।
    पांच नमक श्रेणियो से घिरा हुआ स्थान राजस्थान के जैसलमेर जिले मे स्थित है।
    होमी भाभा को भारतीय परमाणु कार्यक्रम का जनक माना जाता है। जो टाटा इंस्टीट्यूट आफ फण्डामेंटल रिसर्च की स्थापना की। जिसमे BARC,,DRDO का विशेष योगदान है।
    सादर सधन्यवाद,,
    रामबहाल सिंह बहाल कवि वाराणसी

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