अनबनी जोड़ी
-
पवनेश
-
13/04/2024
-
लघुकथा
-
अनबनी जोड़ी
-
0 Comments
“चांदनी, अगर तुम नहीं चाहती थी।” केशव ने दुल्हन बनी चांदनी से धीमी आवाज में प्रश्न किया। “तो फिर तुमने मुझसे शादी क्यों की?” आज केशव और चांदनी की शादी के बाद पहली रात है। प्रथम स्पर्श के रंगीन सपने संजोए केशव जब चांदनी के पास पहुंचा तो चांदनी ने अपने अतीत को …
Continue Reading
“आधा सच”
-
पवनेश
-
11/04/2024
-
लघुकथा
-
आधा सच
-
0 Comments
आधा सच, जिंदगी में आने वाले उतार चढ़ाव की हकीकत।
Continue Reading
जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं।
-
पवनेश
-
08/04/2024
-
मुक्तक
-
भक्ति रस
-
1 Comment
जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं।
Continue Reading
होली है भई होली है
होली है भई होली है बुरा न मानो होली है।
Continue Reading