
जय ज्वाला देवी मईया
- पवनेश
- 15/04/2024
- काव्य
- जय ज्वाला माई की
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जय ज्वाला माई
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जय ज्वाला माई
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“चांदनी, अगर तुम नहीं चाहती थी।” केशव ने दुल्हन बनी चांदनी से धीमी आवाज में प्रश्न किया। “तो फिर तुमने मुझसे शादी क्यों की?” आज केशव और चांदनी की शादी के बाद पहली रात है। प्रथम स्पर्श के रंगीन सपने संजोए केशव जब चांदनी के पास पहुंचा तो चांदनी ने अपने अतीत को …
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आधा सच, जिंदगी में आने वाले उतार चढ़ाव की हकीकत।
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जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं।
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सारी खुशियां
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आ गए चुनाव।
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लाड की खुश्बू
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होली है भई होली है बुरा न मानो होली है।
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खोई हुई यादें।
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श्री अन्न।
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