
“कल्प भेंटवार्ता” – श्री राधेश्याम साहू “शाम” जी के साथ
- कल्प भेंटवार्ता
- 18/09/2025
- लेख
- लेख
- 1 Comment
🌺 “कल्प भेंटवार्ता” – श्री राधेश्याम साहू “शाम” जी के साथ 🌺
Continue ReadingDark
Auto
Light
Dark
Auto
Light

🌺 “कल्प भेंटवार्ता” – श्री राधेश्याम साहू “शाम” जी के साथ 🌺
Continue Reading
“कल्प भेंटवार्ता” – डॉ. श्रीमती शालिनी बसेड़िया दीक्षित जी के साथ
Continue Reading
जबलपुर
Continue Reading
“कल्प भेंटवार्ता” – सूबेदार श्री राम स्वरूप कुशवाह जी के साथ
Continue Reading
भोजपुरी भाषा और भोजपुरी बोली , मिठास के साथ-साथ एक आदर-सत्कार वाली साहित्यिक भाषा है । लगभग साठ-सत्तर के दशक में, फिल्म जगत में इसपर काफी कार्य हुए। इसका वर्तमान और भविष्य भी सुरक्षित है। आज के आधुनिक युग में इसपर काफी शोधकार्य हुए हैं।
Continue Reading!! “कल्प भेंटवार्ता : डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र आदित्य” !!
Continue Reading
“कल्प भेंटवार्ता” – श्री भगवान दास शर्मा प्रशांत जी के साथ”
Continue Reading
साहित्यकार को समाज का आँख, नाक और कान ही नहीं, चेतना भी बनना चाहिए। साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उस पर जमी जड़ता की धूल को साफ करने का भी एक साधन है।
Continue Reading
विश्व हिंदी को साहित्यिक गरिमा प्रदान करने हेतु यदि मौलिक सिद्धांतों की बात की जाए तो ,
१. साहित्य विभाजन न करता हो। देश, धर्म, जाति या और भी कोई प्रकार का विभाजन , उससे ऊपर होकर लिखा जाए।
२. नए विश्व में नई समस्याएं हैं जिसमें रिश्तों की समीकरण बदली है, मनोवैज्ञानिक रूप से अलग तरह की उलझने बढ़ी है जो सब देशों, समुदायों में समान है।
इस सबके बीच मनुष्य को मूल प्रेरणा देने वाला साहित्य हमेशा जरूरी रहेगा।
३. साहित्य में विविधता हो, जो देश काल का ध्यान रखते हुए रखी जाए।

दर्शकों-श्रोताओं पाठकों का हृदय की अनन्त गहराईयो से आभार व्यक्त करना चाहती हूँ। व्यस्त जिंदगी के अनमोल समय में से समय निकाल कर मेरा उत्साह वर्धन किया।
Continue Reading