माँ तुम केवल माँ हो
मां तुम केवल मां हो, मां तुम केवल मां हो,ममता से भरी मिश्री की डली हो बच्चों के चेहरे की मुस्कुराहट ही तेरे हर दर्द की दवा है ।बच्चों के चेहरे की रौनक ही तेरे मन की सुंदरता है ।बढते बच्चों के कदमों में तेरे सपनों की उडान है । बच्चों के मन में उभरी कोई टीस तेरे अंतर्मन को …
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एक व्रक्ष तुम लगाओं
एक व्रक्ष तुम लगाओं और एक मैं लगता हूँ बरगद तुम लगाओ तो पीपल मैं लगता हूँ एक एक कर जब व्रक्ष लगेंगे जंगल एक बन जाएगा पर्यावरण प्रदूषित जो है वह अंगे शुद्ध हो जाएगा प्रण करलो व्रक्ष लगाने का तुम मैं भी प्रण दोहराता हूँ पहल करो तुम जल,भूमि, और वायु दूषित न होने पाए साथ समाज …
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🌴 !! “पर्यावरण व परोपकार” !! 🌴
धरती का श्रृंगार है विटप और वन फूल।
शीतल जल सुरभित पवन होते फिर भरपूर।।
जीवन का आधार हैं नीर समीर व भोग।
वृक्ष धरा को सींचते, हरते ताप दुरोग।।
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🕉️ “!! जय बजरंग बली हनुमान !!” 🕉️
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पवनेश
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03/06/2024
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मुक्तक
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भक्ति रस
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जय बजरंग बली हनुमान।
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एकाकी जीवन
अकेले जीना क्या होता है ? एक बार, जो जी लिया , तो फिर इस माया से भरी दुनियां और लालच से जुड़े रिश्तों में , आसान हो जाता है कहीं, अपने आप को ढूंढना , और जान लेना स्वयं के अस्तित्व का होना । पहले पहल अकेलापन काटने को दौड़ता, दूर तक भगाता, बेचैन सोने नही देता । …
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खुद को इतना सजाय हुआ है
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NEERAJ MISHRA
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18/05/2024
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गीत
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विरह गीत
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विरह गीत श्याम सुंदर मेरे.. मैंने तेरे लिए खुद को इतना .. सजाय हुआ है ये काजल ,ये चूड़ी , ये गजरा मैने मैहदी लगाया हुआ है .. श्याम सुंदर मेरे.. मैंने तेरे लिए मेरी साँसों मे तू , मेरी धड़कन मे तू मेरी बहती आस्को की बूंदों मे तू मैंने आँखों को समुंदर बनाया हुआ है श्याम सुंदर मेरे.. …
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पुराने लम्हों में सिमटी जिंदगी मेरी
अर्ज किया है :- की याद नहीं मुझको , तेरी बेबफई का वो वक्त | जिस वक्त तूने मुझे, बर्बाद करने में कोई कसर न छोड़ी | पुराने लम्हों में सिमटी जिंदगी मेरी नया कुछ अब याद नहीं रहता || बदलते वक्त के साथ मैं नहीं बदला इश्क की तड़फ में खुद को जला डाला बदल गए जो …
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बारम्बार प्रणाम तुम्हें
यह काव्य रचना स्वरचित है जो की आज की प्रतियोगिता हेतु प्रस्तुत है |
विषय : माता जानकी
दिनांक 13/05/2024
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“आग्रह”
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पवनेश
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13/05/2024
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मुक्तक
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काव्य
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गर्मी
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“मांडवी”
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पवनेश
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06/05/2024
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मुक्तक
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कविता
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मांडवी और भरत ब्रह्मांड के उन सर्वश्रेष्ठ दंपतियों में से है जिनके दांपत्य और निर्णय दोनों पर प्रश्न चिन्ह कभी नहीं लगा।
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