खुद को इतना सजाय हुआ है
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NEERAJ MISHRA
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18/05/2024
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गीत
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विरह गीत
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विरह गीत श्याम सुंदर मेरे.. मैंने तेरे लिए खुद को इतना .. सजाय हुआ है ये काजल ,ये चूड़ी , ये गजरा मैने मैहदी लगाया हुआ है .. श्याम सुंदर मेरे.. मैंने तेरे लिए मेरी साँसों मे तू , मेरी धड़कन मे तू मेरी बहती आस्को की बूंदों मे तू मैंने आँखों को समुंदर बनाया हुआ है श्याम सुंदर मेरे.. …
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पुराने लम्हों में सिमटी जिंदगी मेरी
अर्ज किया है :- की याद नहीं मुझको , तेरी बेबफई का वो वक्त | जिस वक्त तूने मुझे, बर्बाद करने में कोई कसर न छोड़ी | पुराने लम्हों में सिमटी जिंदगी मेरी नया कुछ अब याद नहीं रहता || बदलते वक्त के साथ मैं नहीं बदला इश्क की तड़फ में खुद को जला डाला बदल गए जो …
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बारम्बार प्रणाम तुम्हें
यह काव्य रचना स्वरचित है जो की आज की प्रतियोगिता हेतु प्रस्तुत है |
विषय : माता जानकी
दिनांक 13/05/2024
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“आग्रह”
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पवनेश
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13/05/2024
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मुक्तक
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काव्य
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गर्मी
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“मांडवी”
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पवनेश
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06/05/2024
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मुक्तक
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कविता
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मांडवी और भरत ब्रह्मांड के उन सर्वश्रेष्ठ दंपतियों में से है जिनके दांपत्य और निर्णय दोनों पर प्रश्न चिन्ह कभी नहीं लगा।
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घर वापसी
शीर्षक: घर वापसी पिता सोच रहा है,खुश हूं इस बात पर कि बेटा लौट आया है ,उसके पास ।या मनाऊं मातम ,कि सपनों का खून कर लौटा है घर वापस । माटी के आंचल में रोने को,शायद टूट कर ।क्योंकि शहरों की सड़कों पर ,कहां है वह गांव की मिट्टी की सी नमी ?जहां ना रोने को कोई कंधा ही …
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“हास्य समाचार_
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पवनेश
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29/04/2024
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मुक्तक
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हास्य व्यंग्य
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हास्य समाचार
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“वो हमारे परमवीर”
कीर्ति जिनकी है अजर, तेज जिनका है प्रखर, शौर्य जिनका है अमर, देश जिनका मन हैं प्राण हैं। वो हमारे परमवीर, वो हमारे स्वाभिमान हैं। – 2 राष्ट्र जिनकी चेतना, राष्ट्र जिनकी वंदना, राष्ट्र जिनकी प्रार्थना, राष्ट्र जिनकी आन बान हैं। वो हमारे परमवीर, वो हमारे स्वाभिमान हैं। – 2 कीर्ति जिनकी है अजर, तेज जिनका है प्रखर, शौर्य जिनका …
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प्रतीक
शीर्षक: प्रतीक । चर्चा का विषय रहा है,औरत का विधवा होना,टूटना चूड़ियों का, मांग का सुना होना ।कहते है…पुरुष ने क्या पुण्य किया,विधुर होने पर भी , पत्नी को क्या दिया ? घड़ी, ऐनक या हुक्का, कोई प्रतीकतो पुरुष के लिए होते,तोड़कर जिन्हें..विधुर होने का प्रमाण देते ।पर टूट गया जिसका जग सारा, और छूट गया गृहस्थी का सहारा ,जिसके …
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जय ज्वाला देवी मईया
जय ज्वाला माई
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