“समर्थ गुरू रामदास”
दासबोध, मनोबोध, पंचीकरण, बाग प्रकरण, मानपंचक आत्माराम, के सृजन स्वास थे। वह समर्थ गुरू रामदास थे। वह समर्थ स्वामी रामदास थे। भक्तिमार्गी सिद्ध संत, राजनीति युद्ध – संधि, अद्वैत वेदांत, के सुख प्रभास थे। आरतियां स्त्रोतम, प्रेम भक्ति ओज नमन, स्फूट अभंग ओवी छंद, के हृदय प्रकाश थे। वह समर्थ गुरू रामदास थे। वह समर्थ स्वामी रामदास थे। दासबोध, मनोबोध …
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“आचार्य विष्णुगुप्त चाणक्य”
“आचार्य विष्णुगुप्त चाणक्य का जीवन रीति नीति के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ आदर्श है।”
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राम विश्व के चेतन के आधार।
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पवनेश
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16/01/2024
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काव्य
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भक्ति रस
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राम रमापति, राम सियापति, अद्भुद छवि विस्तार, राम विश्व के चेतन के आधार।
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🌷 *!! “मंगलमूर्ति गणेश वंदना” !!*🌷
गौरी सुवन विराजिये, साधो बिगड़े काज।
शरण तिहारी आ पड़े, दया करो गणराज।। ४ ।।
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!! एक दीप ऐसा !!
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Radha Shri Sharma
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11/01/2024
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गीत
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गीत
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एक दीप जलाऊँ ऐसा, जग तिमिर नाश जो कर दे, तमस मिटा अज्ञान की मन ज्ञान प्रकाश जो भर दे।। एक दीप जलाऊँ ऐसा…. आशाओं का खोज सवेरा, खुशियों का दिवस दिखाऊँ। निर्धनता की मिटा लकीरें, साधन समृद्धि फैलाऊँ। दुख की निशा की मिटा कर मन में सुख दिवाकर जो भर दे। एक दीप जलाऊँ ऐसा …… नव …
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भक्ति रस धारा
गुरु वंदना प्रथम नमन गुरुदेव को जो सकल विघ्न छुडाय, बुद्धि को बौद्धिक कर सन्मार्ग की राह दिखाय। मन के चक्षु खोल कर ज्ञान का दीप जलाय, जीव ब्रह्म को एक कर बद्ध मुक्त कर जाय।। गणेश वंदना हे गजानन! हे विघ्न हरण! हे पार्वती नन्दन! सकल सुमन्गल शुभदायक, करते तेरा वंदन। आन विराजो नाथ तुम सह रिद्धि-सिद्धि शुभ …
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