
♈ “!! युग के अमर काव्य :- कवि डॉक्टर गोपालदास नीरज जी !!” ♈
- पवनेश
- 05/01/2025
- मुक्तक
- प्रतिस्पर्धा
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गोपाल दास नीरज
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गोपाल दास नीरज
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गोपाल दास नीरज
Continue Readingविशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– “कल्प/दिसम्बर/२०२४/द” विषय :- “ ये जाते हुए लम्हें” विधा :- काव्य भाषा :- हिन्दी शीर्षक: जीवन बीता जाता है मन पनघट रीता जाता है और जीवन बीता जाता है….. जीवन के सुगम सुगंधित पल एक दिन बन जाते बीता कल कर याद उन्हें सूनेपन मे मन रह रह कर अकुलाता है.. और जीवन …
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जय भारत 2024
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नेता जी की जय हो
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सरदार वल्लभ भाई पटेल
Continue Readingआमंत्रण क्रमांक :– “कल्प/दिसम्बर/2024/स”विषय :- “किसान और खेत”शीर्षक :- “विश्व पालक किसान”विधा :- काव्य भाषा :- हिन्दी जो अखिल विश्व का, पोषक और विधाता है।वो कर में हल लेकर, खुद खेतों में जाता है।। जो पशुओं को भी, बच्चों सा नहलाता है,वो पशुओं का हर दुःख, अपना कहलाता है,जो खेतों को उर बना, उर्वर करता जाता है।वो कर में …
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किसान और उसकी धरा
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सप्तपदी के सात वचन
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साप्ताहिक आमंत्रण कल्पकथा
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