
!! “व्यक्तित्व परिचय : श्री सुन्दरलाल जोशी “सूरज” जी” !!
- कल्प भेंटवार्ता
- 27/12/2024
- लेख
- साक्षात्कार
- 1 Comment
जब मैं चित्तौड़गढ़ घूमने गया तो हल्दीघाटी गया। संग्रहालय देखा और मन हुआ कि कुछ पंक्तियां महाराणा प्रताप पर लिखूँ।
Continue ReadingDark
Auto
Light
Dark
Auto
Light

जब मैं चित्तौड़गढ़ घूमने गया तो हल्दीघाटी गया। संग्रहालय देखा और मन हुआ कि कुछ पंक्तियां महाराणा प्रताप पर लिखूँ।
Continue Reading
चार साहिबजादे
Continue Reading
📜 विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/दिसम्बर/२०२४/द” !! 📜
📚 विषय :- !! “जाते हुए लम्हें” !! 📚
⏰ समयावधि :- दिनाँक २४/१२/२०२४ प्रातः ०८.०० बजे से २८/१२/२०२४ रात्रि १०.०० बजे तक ⏰
🪔 विधा :- !! “स्वैच्छिक” !! 🪔
📢 भाषा :- !! “हिन्दी, संस्कृत” !! 📣
Continue Reading
नए कवियों से हम अधिक प्रभावित होते हुँ क्योंकि मेरा मानना है कि नए नए पौधे पर अगर ध्यान दिया जाए तो वो मजबूत वृक्ष बन जाता है और ध्यान नहीं दिया जाए तो वो खत्म हो जाएगे।
Continue Reading
कल्प संवादकुंज
Continue Reading
उपभोक्ता हित जागरूकता और कानून
Continue Reading
विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/दिसम्बर/२०२४/स” !! 📜
📚 विषय :- !! “किसान और खेत” !! 📚
⏰ समयावधि :- दिनाँक १६/१२/२०२४ प्रातः ८.०० बजे से २०/१२/२०२४ रात्रि १०.०० बजे तक ⏰
🪔 विधा :- !! “काव्य, कहानी, लेख ” !! 🪔
📢 भाषा :- !! “हिन्दी, संस्कृत” !! 📣
जी मैं इस मामले में मध्यमार्गी हूं। मुझे लगता है कि भाव पक्ष के साथ कला पक्ष का संतुलन भी जरूरी है तभी कविता में आनंद आता है। फिर भी भाव पक्ष ज्यादा महत्वपूर्ण है, अगर भावनाएं पैदा और प्रेषित नहीं होगी तो कविता ही बिखर जाएगी।
Continue Reading
विजय दिवस १६ दिसंबर
Continue Reading
विजय दिवस
Continue Reading