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!! “कल्प साप्ताहिक आमंत्रण : कल्प/दिसम्बर/२०२४/ब” !!

विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/दिसम्बर/२०२४/ब” !! 📜
📚 विषय :- !! “विवाहोत्सव” !! 📚
 ⏰ समयावधि :- दिनाँक ०९/१२/२०२४ प्रातः ८.०० बजे से १३/१२/२०२४ रात्रि १०.०० बजे तक ⏰
🪔 विधा :- !! “काव्य” !! 🪔
 📢 भाषा :- !! “हिन्दी, संस्कृत” !! 📣

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!! “व्यक्तित्व परिचय – श्रीमती भावना भारद्वाज” !!

एक साहित्यकार की रचनाएं उसकी भावनाओं का प्रतिबिंब होती हैं। रचनाओं के माध्यम से वह अपनी निहित भावनाओं को प्रकट करता है। मेरी रचनाएं देश के विकास में जो बाधाएं उत्पन्न करते हैं,देश में भ्रष्टाचारफैलाते हैं या देश की छवि को खराब करते हैं उनके विरोध में बहुत सी रचनाएं लिखी हैं जो हम साहित्यकारों का कर्तव्य भी है।

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⛩️ !! “साप्ताहिक आमंत्रण : कल्प/दिसम्बर/२०२४/अ” !! ⛩️

📜 विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/दिसम्बर/२०२४/अ” !! 📜
📚 विषय :- !! “स्वैच्छिक” !! 📚
 ⏰ समयावधि :- दिनाँक ०२/१२/२०२४ प्रातः ८.०० बजे से ०६/१२/२०२४ रात्रि १०.०० बजे तक ⏰
🪔 विधा :- !! “काव्य” !! 🪔
 📢 भाषा :- !! “हिन्दी, संस्कृत” !! 📣

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!! “साप्ताहिक आमंत्रण : कल्प/नवम्बर/2024/द” !!

ऐसे में सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” जी, सुभद्राकुमारी चौहान जी, नागार्जुन जी, को कैसे बिसरा सकते हैं? वहीं जब नरोत्तम दास जी के सुदामा चरित्र को पढते सुनते हैं तो मन दरिद्रता की व्यथा से झुलसा हुआ प्रतीत होता है, जिस पर कृष्ण की कृपा की अमृत वर्षा होती है और दरिद्रता सहज ही भाग खडी होती है। समृद्धि, सुख और ऐश्वर्य के भंडार भर जाते हैं।

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मेरे प्रिय कवि ” निराला “

विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– कल्प/नवम्बर/२०२४/द   विषय :- !! “मेरे प्रिय कवि” !!   विधा: लेख   शीर्षक : मेरे प्रिय कवि ” निराला “   हिन्दी कविता की बात की जाए तो साहित्य का छायावादी युग एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। छायावादी कविता के एक प्रमुख स्तंभ ” महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला “मेरे प्रिय कवियों में से एक है। अपनी साहित्य साधना …

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हुलसी के तुलसी

मेरा चित्त तुलसी के काव्य  के सौंदर्य के प्रति पूर्णतया समर्पित हो जाता है ।तुलसी की विनय पत्रिका ,गीतावली ,दोहावली आदि के साथ तुलसी के संपूर्ण ग्रंथ भारतीय संस्कृति के अनमोल रत्न है।
मेरे कुछ शब्द मेरे प्रिय कवि तुलसी के लिए सादर ।

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