!! “साप्ताहिक प्रतियोगिता : कल्प/जुलाई/2024/स” !!
-
Kalpkatha
-
15/07/2024
-
लेख
-
प्रतियोगिता
-
0 Comments
विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– कल्प/जुलाई/२०२४/स
विषय :- “!! स्वैच्छिक !!”
समयावधि :- दिनाँक १५/०७/२०२४ प्रातः ८.०० बजे से १९/०७/२०२४ रात्रि १०.०० बजे तक
विधा :- काव्य, लेख, कहानी
भाषा – हिन्दी, संस्कृत
Continue Reading
📨 “व्यक्तित्व परिचय श्रीमती अनीता शर्मा “कौमुदी” जी ” 📨
बारी है पाठकों से प्रश्नों की। तो बताइये, आपको हमारी वरिष्ठ लेखिका से मिलकर कैसा लगा? साथ ही आप यदि अपनी पसंद की किसी विशेष लेखक या लेखिका को पढना व सुनना चाहते हैं तो हमें नीचे दिये गये कमेन्ट बॉक्स में सूचित करें।
Continue Reading
✍️ “साप्ताहिक कल्प संवादकुंज-जनसंख्या विस्फोट” ✍️
-
पवनेश
-
10/07/2024
-
लेख
-
प्रतियोगिता
-
1 Comment
विश्व जनसंख्या दिवस विशेष
Continue Reading
🎆 “!! साप्ताहिक कल्प संवादकुंज – जनसंख्या विस्फोट !!” 🎆
कल्प संवादकुंज जनसंख्या विस्फोट
Continue Reading
✍️ “!! कल्पकथा साप्ताहिक आमंत्रण – भारत देश के अंचलों की वेशभूषा !!” ✍️
-
पवनेश
-
09/07/2024
-
लेख
-
प्रतियोगिता
-
0 Comments
साप्ताहिक आमंत्रण प्रतियोगिता
Continue Reading
!! “साप्ताहिक प्रतियोगिता आमंत्रण :- भारत के अंचलों की वेशभूषा” !!
-
Kalpkatha
-
08/07/2024
-
लेख
-
प्रतियोगिता
-
1 Comment
विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– कल्प/जुलाई/२०२४/ब
विषय :- “!! भारत के अंचलों की वेशभूषा !!”
समयावधि :- दिनाँक ०८/०७/२०२४ प्रातः ८.०० बजे से १२/०७/२०२४ रात्रि १०.०० बजे तक
विधा :- काव्य, लेख, कहानी
भाषा – हिन्दी, संस्कृत
Continue Reading
🌏 !! “सौन्दर्य की देवी वर्षा ऋतु” !! 🌍
तभी कानों में जलतरंग बजाती, हृदयों पर काम बाण चलाती, पायल की छनछनाती मधुर ध्वनि पडी….. टप…. टप…. टप… टप। मानों मनमोहिनी सोलह श्रृंगार किये, नव यौवन लिये सबको अपने मोहपाश में बाँधने, गर्मी से झुलसी एवं कृशकाय हुई धरती को नयी नवेली दुल्हन सी सजाने चली आ रही हैं।
Continue Reading
!! “व्यक्तित्व परिचय : श्रीमती कंचना मिश्रा” !!
बन कर लहू जो दौड़ता है शिराओं में,
मुझे जीवन का वह रंग लाल पसंद है।
चांद और सूरज पाते शरण जहां पे,
ऊंचाई पर नीले रंग का विस्तार पसंद है।
धैर्य, क्षमा, ममता जिस आंचल में,
धरती का वह हरित परिधान पसंद है।
हिम श्रंगों के उच्च पटल के रजत कणों पे,
रवि रश्मियों का स्वर्णिम भुजपाश पसंद है।
सतरंगी पुष्पों की बगिया पे इतराती,
तितली के पंखों का बहुरंगी वितान पसंद हैं।
पंछियों की रागिनी के कलरव गान में,
गुनगुन करते भंवरों का रंग श्याम पसंद है।
विचरण करते मृग समूह के बालदल के,
नव किसलय से अधर रक्ताभ पसंद हैं।
साजन के प्रणय निवेदन, मनुहार मे,
सजनी का रक्तिम हार-सिंगार पसंद है।
निर्बाध बहती पतित पावनी जल धारा में ,
श्वेताभ जीवन का रंग उल्लास पसंद है।
सक्षम बने भाव आप तक पहुंचाने मे,
कलम की स्याही, श्वेत पत्रांक पसंद है।
कंचना मिश्रा
Continue Reading
🪷 “!! कल्प संवादकुंज – स्वामी विवेकानंद – वैचारिक क्रांति के अग्रदूत !!” 🪷
-
Kalp Samwad Kunj
-
03/07/2024
-
लेख
-
रंजीत
-
2 Comments
स्वामी विवेकानंद वैचारिक क्रांति के अग्रदूत।
Continue Reading