!! स्थापना माह विशेष : कल्प भेंटवार्ता : एक संध्या पीढ़ीगत साहित्यकारों के साथ !!
हमारे पारंपरिक, वैचारिक और साँस्कृतिक मूल्यों को देखते हुए भारतीय संस्कृति अत्यंत महत्वपूर्ण, महान और आत्मसात करने वाली है इसकी अवहेलना और अज्ञान बहुत दुख पूर्ण है आजकल की पीढ़ी को अपने मूल्यों, संस्कारों में विश्वास जागृत कर उनका सम्मान करना चाहिए न कि पाश्चात्य संस्कृति की आड़ में अपने मूल्यों को भूलना |
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!! “कल्प भेंटवार्ता : एक संध्या साहित्यकार के साथ : श्री भारत भूषण वर्मा” !!
मेरा मानना है कि प्रत्येक साहित्यकार को अपना प्राचीन साहित्य एवं उसका इतिहास अवश्य पढ़ाना चाहिए ताकि श्रेष्ठ लेखन के प्रति अग्रसर हुआ जा सके। दिशाहीन होकर लिखने का कोई महत्व नहीं है, हमेशा ऐसा लिखे जो समाज को सही दिशा देने के साथ-साथ स्वस्थ मनोरंजन भी कर सके।
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कल्प भेंटवार्ता – एक संध्या साहित्यकार डॉ वेद प्रकाश भट्ट जी के साथ
यदि कोई लेखक ए.आई. से अपनी रचना लिखवा रहा है, तो वह उसकी मौलिक कृति नहीं कहलाई जा सकती;
और यदि कोई लेखक पूर्ण शुद्धता के साथ स्वयं लिख रहा है, तो भी ए.आई. के युग में यह आशंका बनी रहती है कि पाठक उसे उसके ‘अपने श्रम’ की उपज मानेंगे भी या नहीं।
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प्रबुद्ध साहित्यकार डॉ. वनीता चोपड़ा जी सहायक प्राध्यापक राजकीय महाविद्यालय करनाल
आज के लेखक अपने लेखन में नई शैली का प्रयोग कर रहे हैं। जैसे जैसे समय में परिवर्तन आता है लेखक की शैली में भी परिवर्तन आता है लेखक को पाठकों की पसंद का भी ख्याल रखना पड़ता है । वह परंपरा को भी अनदेखा नहीं कर सकता। हम आधुनिक युग में जी रहे हैं लेखक के लिए ये बेहद जरूरी है उसको आधुनिकता और परंपरा में सामंजस्य बना कर ही चलना पड़ता है।
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!! व्यक्तित्व परिचय : बाल साहित्यकार विशेषांक : कु० अनन्या शर्मा !!
पिछले वर्ष मेरे घर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ तो मैने भी एक कविता सुनाई थी। जिस पर कवि दादा प्रेम बाबू प्रेम जी ने मुझे आशीर्वाद दिया था। तबसे मेरे मन मे कविता के लिए प्रेम जग गया और कुछ कुछ मैंने अपने पापा से भी सीखा।
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!! “व्यक्तित्व परिचय : लक्ष्य कुमार साहू” !!
12. देश, समाज, पर्यावरण, नैतिकता, संस्कार—इन विषयों पर आपका विचार क्या है?
★ सभी सामाजिक प्राणी बनने के आवश्यक अंग हैं जिनके बिना हम अधूरे हैं।
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!! व्यक्तित्व परिचय : बाल साहित्यकार मिहू अग्रवाल !!
मेरे परिवार का माहौल बहुत धार्मिक है। मुझे कान्हा जी अच्छे लगते है व मुझे अपने परिवार से प्यार है।
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!! व्यक्तित्व परिचय : बाल साहित्यकार पाखी जैन !!
अगर एक दिन के लिए मुझे प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो मैं सबसे पहले शनिवार की भी छुट्टी घोषित कर दूंगी और बच्चों के लिए विद्यालय में एक और पर्यावरण से जुड़ा विषय भी जोड़ दूंगी।
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!! “व्यक्तित्व परिचय : श्री संजय राय साई” !!
रचनाकार सदा स्वान्तः सुखाय लिखता है। पर जब उसका लेखन किसी को अपना सा लगता है, तब रचना सार्थक हो जाती है। जब पाठक वर्ग रचनाकार की भावभूमि पर आकर तादात्म्य स्थापित कर लेता है, तब मन सहज ही एक आत्मसंतुष्टि से भर जाता है। इसके साथ ही नवसृजन हेतु स्वतः ही प्रेरणा प्राप्त हो जाती है।
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!! “व्यक्तित्व परिचय : आचार्य श्री पूरण चन्द्र शर्मा” !!
कल्पकथा साहित्य संस्था एक ऐसा मंच है जो लुप्त होते जा रहे जीवन मूल्यों को पुनः प्रतिष्ठित करने हेतु प्रयासरत है ।विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा दे रहा है, सांस्कृतिक चेतना का केंद्रस्थल बनता जा रहा है।
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