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🌺 *”!! कल्प संवादकुंज – दुग्ध दिवस विशेष !!” 🌺

🌺 “साप्ताहिक कल्प संवादकुंज – दुग्ध दिवस विशेष।”🌺

🌺 “विषय: दुग्ध – अमृत तुल्य पोषण।” 🌺

🌺 “समयावधि: दिनाँक २९-५-२०२४ बुधवार सायं ६.०० बजे से दिनाँक ०४-६-२०२४ मंगलवार मध्य रात्रि १२.०० बजे (भारतीय समयानुसार) तक।” 🌺

🌺 “विधा – लेख (वैचारिक)”🌺

🌺 “भाषा:- हिन्दी (देवनागरी लिपि)”🌺

 

🌺 “विशेष: > वैश्विक दुग्ध दिवस पर आपके सौहाद्रपूर्ण विचार आमंत्रित हैं।”

“> आपके विचार कल्पकथा वेबसाइट पर दिए गए विषय के कमेंट सेक्शन में पोस्ट करने पर ही स्वीकार किए जायेंगे।”🌺 

🌺 “टिप्पणी:- विस्तृत विवरण एवं नियमावली हेतु लिंक पर जाएं।”🌺

https://kalpkatha.com/%f0%9f%8c%b8-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0

Kalp Samwad Kunj

One Reply to “🌺 *”!! कल्प संवादकुंज – दुग्ध दिवस विशेष !!” 🌺”

  • पवनेश

    राधे राधे कल्पकथा परिवार,
    कल्प संवादकुंज के वर्तमान संवाद विषय “दुग्ध- अमृत तुल्य पोषण” पर अपने विचारों को अभिव्यक्त करते हुए हम आनंदित हैं। संवाद को आगे बढ़ाने के पूर्व आवश्यक है कि हम यह जान लें दुग्ध क्या है। सरल शब्दों में कहा जाए तो यह एक ऐसा श्वेत द्रव्य है जिसका निर्माण स्तनधारी मादाओं की स्तन ग्रंथियों में होता है। ८५% जल से निर्मित इस द्रव्य के शेष १५% भाग में खनिज एवं वसा पाया जाता है।

    मित्रों,
    दुग्ध एकमात्र ऐसा आहार है जो सम्पूर्ण पोषण प्रदान करता है इसमें विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन के, विटामिन ई, फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडीन, और ऊर्जा, के अतिरिक्त कुछ एंजाइम, एवं जीवित रक्त कोशिकाएं भी हो सकती हैं। इसीलिए शिशु को स्वस्थ रखने और उसकी आवश्यक वृद्धि के दृष्टिकोण से दुग्ध सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    साथियों,
    जैसा कि बताया जाता है कि एक लीटर दुग्ध में ८०० कैलोरी ऊर्जा होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। द्रव्य अवस्था में होने के कारण पाचन के दृष्टिकोण से यह आदर्श आहार है। इंटरनेशनल डेयरी जनरल के अनुसार प्रतिदिन एक गिलास दूध का सेवन करने वाले लोगों का मानसिक और शारीरिक विकास अन्य की तुलना में ५५% अधिक होता है।

    बन्धुओं,
    नवजात मानव शिशु को अच्छे स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास के लिए औसतन छः महीने तक दुग्ध के पोषण पर ही रखा जाता है। दुग्ध की खाद्य महत्त्वता में तब और भी अधिक वृद्धि हो जाती है जब इसको अन्य विशेष खाद्य पदार्थों के साथ ग्रहण किया जाता है। परीक्षणों से यह सिद्ध किया जा चुका है कि दूध पाने वाले छात्रों के शरीर भार तथा ऊँचाई में अधिक वृद्धि होती है। यह भी पाया गया है की लगातार दूध का उपयोग करने वाले बच्चों का मानसिक विकास भी अधिक होता है।

    भगिनियों,
    दुग्ध के उपयोग को अधिक से अधिक प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिवर्ष २४ नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, एवम प्रतिवर्ष १जून को अंतरराष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है। वर्ष २०२४ को दुग्ध पोषण के लिए महत्त्वपूर्ण मानते हुए इस वर्ष को दुनिया को पोषण देने के लिए गुणवत्तापूर्ण पोषण प्रदान करने में डेयरी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाने के लिए थीम के रुप में रखा गया है।

    दोस्तों,
    यह स्पष्ट है कि दुग्ध मानव जीवन और पोषण के दृष्टिकोण से अमृत सरीखा है साथ ही दुग्ध उत्पादन, और व्यवसाय, देश की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं इसलिए हम सभी भी अपने – अपने स्तर से दुग्ध के समुचित उपयोग के लिए संकल्पित हों।

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