मंत्र
शीर्षक: मंत्र (कविता) ——————————– चयन करना कितना मुश्किल है, जब सामने वाला हो अपना, और चुनना है उनमें से जो दिए गए हो विकल्प उनके द्वारा, पहले मन सोचता है , अपना मत रखूँ , फिर मन कहता है पहले देखूं , उनके दिल में है क्या ? कही मेरे एक के चुनने पर, उसे अच्छा न लगे, और अगर …
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यकीं है तुम मुझे प्यार नहीं करते
शीर्षक: यकीं है तुम मुझसे प्यार नहीं करते आज मैं ये यकीन से कह सकती हूं । कि….तुम मुझसे प्यार नहीं करते, जब रोते देखते हो,आंसू पोंछकर,फिर हंस देती हूं कुछ सोचकर, कभी बनते नहीं कारण हँसने का ,और तुम मेरे साथ कभी रोते भी नही,सोते हो साथ मेरे, पर साथ मेरे कभी होते नहीं, सुबह से लेकर रात तक,जीवन …
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जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं।
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पवनेश
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08/04/2024
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मुक्तक
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भक्ति रस
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जय अम्बे जगदम्बे मैया हम शरणागति तुम्हारी हैं।
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आ गए नए चुनाव।
आ गए चुनाव।
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होली है भई होली है
होली है भई होली है बुरा न मानो होली है।
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!! “कविता” !!
कवित्त बन बहती रही, छंद नदी रसधार में ।
भाव रस से पगी हुई हिय स्पन्दन संसार में।।
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Exam
Exam Exam! Exam! Exam!कभी पापा चिल्लाते;कभी माँ।जैेेसे वह कोई बच्चा नहीं,है कोई खिलौनाया कि परीक्षा का सामान। हाँ, परीक्षा लो,सफल होंगे;इसमें कोई शक नहीं है।मगर…,जब ज़िंदगी परीक्षा लेगी;इतना पूछना था –क्या कलम मेरे हाथ में रहेगी ? Favorite
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“श्री अन्न”
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पवनेश
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18/03/2024
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कवित्त
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श्री अन्न
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श्री अन्न।
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माता शबरी
जय हो माता शबरी।
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आदमी कैसे मरता है ?
0आदमी कैसे मरता है ? बड़ी मासूमियत सेवह…,बड़े मासूम सवाल करता है। मुझसे कहता है…पापा…!आदमी कैसे मरता है ? थोड़ा विस्मय से हँसकर,मैं…,उससे कहता हूँ…, आदमी के… ‘भीतर का आदमी’ मरने से,आदमी मरता है। Favorite
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