
माता शबरी
- पवनेश
- 04/03/2024
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- जय हो माता शबरी।
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जय हो माता शबरी।
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जय हो माता शबरी।
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0आदमी कैसे मरता है ? बड़ी मासूमियत सेवह…,बड़े मासूम सवाल करता है। मुझसे कहता है…पापा…!आदमी कैसे मरता है ? थोड़ा विस्मय से हँसकर,मैं…,उससे कहता हूँ…, आदमी के… ‘भीतर का आदमी’ मरने से,आदमी मरता है। Favorite
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दासबोध, मनोबोध, पंचीकरण, बाग प्रकरण, मानपंचक आत्माराम, के सृजन स्वास थे। वह समर्थ गुरू रामदास थे। वह समर्थ स्वामी रामदास थे। भक्तिमार्गी सिद्ध संत, राजनीति युद्ध – संधि, अद्वैत वेदांत, के सुख प्रभास थे। आरतियां स्त्रोतम, प्रेम भक्ति ओज नमन, स्फूट अभंग ओवी छंद, के हृदय प्रकाश थे। वह समर्थ गुरू रामदास थे। वह समर्थ स्वामी रामदास थे। दासबोध, मनोबोध …
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“आचार्य विष्णुगुप्त चाणक्य का जीवन रीति नीति के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ आदर्श है।”
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समाज का अनकहा सच
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जय श्री राम
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जय श्री राम
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राम रमापति, राम सियापति, अद्भुद छवि विस्तार, राम विश्व के चेतन के आधार।
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गौरी सुवन विराजिये, साधो बिगड़े काज।
शरण तिहारी आ पड़े, दया करो गणराज।। ४ ।।
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काव्य रचना
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