
राम विश्व के चेतन के आधार।
राम रमापति, राम सियापति, अद्भुद छवि विस्तार, राम विश्व के चेतन के आधार।
Continue ReadingDark
Auto
Light
Dark
Auto
Light

राम रमापति, राम सियापति, अद्भुद छवि विस्तार, राम विश्व के चेतन के आधार।
Continue Reading
गौरी सुवन विराजिये, साधो बिगड़े काज।
शरण तिहारी आ पड़े, दया करो गणराज।। ४ ।।
Continue Reading
काव्य रचना
Continue Reading
एक दीप जलाऊँ ऐसा, जग तिमिर नाश जो कर दे, तमस मिटा अज्ञान की मन ज्ञान प्रकाश जो भर दे।। एक दीप जलाऊँ ऐसा…. आशाओं का खोज सवेरा, खुशियों का दिवस दिखाऊँ। निर्धनता की मिटा लकीरें, साधन समृद्धि फैलाऊँ। दुख की निशा की मिटा कर मन में सुख दिवाकर जो भर दे। एक दीप जलाऊँ ऐसा …… नव …
Continue Reading
गुरु वंदना प्रथम नमन गुरुदेव को जो सकल विघ्न छुडाय, बुद्धि को बौद्धिक कर सन्मार्ग की राह दिखाय। मन के चक्षु खोल कर ज्ञान का दीप जलाय, जीव ब्रह्म को एक कर बद्ध मुक्त कर जाय।। गणेश वंदना हे गजानन! हे विघ्न हरण! हे पार्वती नन्दन! सकल सुमन्गल शुभदायक, करते तेरा वंदन। आन विराजो नाथ तुम सह रिद्धि-सिद्धि शुभ …
Continue Reading