ऋतुराज बसंत
- Vinita Rathore
- 07/02/2025
- कवित्त
- प्रकृति
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वसन्तपञ्चम्याः सन्देशं,
गृह्णन्तु सर्वे जनाः नवौ॥
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वसन्तपञ्चम्याः सन्देशं,
गृह्णन्तु सर्वे जनाः नवौ॥

बसंतोत्सव
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गोपाल दास नीरज
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