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!! “कल्पकथा साप्ताहिक आमंत्रण : पत्र लेखन विशेष” !!

📜 विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/जुलाई/२०२६/ब” !! 📜
📫 !! विषय :- !! “भारतीय सेना के नाम पत्र” !! 📫
⚜️ विषय विशेष :- भारतीय सेना को पत्र लिखते हुए उनके प्रति आपके मनोभाव प्रकट करिए। ⚜️ 
 ⏰ समयावधि :- !! “दिनाँक १३/०७/२०२६, सोमवार प्रातः ०८.०० बजे से दिनाँक १७/०७/२०२६, शुक्रवार रात्रि १०.०० बजे तक” !! ⏰
📚 विधा :- !! “पत्र लेखन” !! 📚
📖 शब्द सीमा : !! अधिकतम एक सहस्त्र शब्द का पत्र लेखन !! 🗒️ 
 📢 भाषा :- !! “हिन्दी/संस्कृत (देवनागरी लिपि)” !! 📣

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!! “कल्प भेंटवार्ता : व्यक्तित्व परिचय : श्रीमती प्रियंका माथुर” !!

मेरी दृष्टि से देखा जाए तो साहित्य का वास्तविक उद्देश्य पाठक की मनोस्थिति पर निर्भर करता है उसकी रूचि पर निर्भर करता है। जिन पाठकों को मनोरंजन चाहिए वे साहित्य में मनोरंजन तलाश लेते हैं और जिन्हें समाज में परिवर्तन चाहिए वे साहित्य को उसी दृष्टि से पढ़ेंगे।
✍🏻 श्रीमती प्रियंका माथुर

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!! “कल्पकथा साप्ताहिक आमंत्रण : वर्षा ऋतु विशेष” !!

📜 विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/जुलाई/२०२६/अ” !! 📜
💨 !! विषय :- !! “बरखा रानी” !!  💨 
⚜️ विषय विशेष :- वर्षा ऋतु के सौंदर्य को प्रदर्शित करते हुए आपका मनोहारी सृजन । ⚜️ 
 ⏰ समयावधि :- !! “दिनाँक ०६/०७/२०२६, सोमवार प्रातः ०८.०० बजे से दिनाँक १०/०७/२०२६, शुक्रवार रात्रि १०.०० बजे तक” !! ⏰
📚 विधा :- !! “स्वैच्छिक” !! 📚
📖 शब्द सीमा : !! अधिकतम एक सहस्त्र शब्द लेख या कहानी के लिए अथवा अधिकतम बीस पंक्तियाँ काव्य के लिए !! 🗒️ 
 📢 भाषा :- !! “हिन्दी/संस्कृत (देवनागरी लिपि)” !! 📣

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!! “कल्प भेंटवार्ता : व्यक्तित्व परिचय : श्री कुमार धनंजय सुमन” !!

आध्यात्मिक चेतना मेरी लेखनी को मर्यादा, करुणा और आत्मप्रकाश देती है। भारतीय संस्कृति मुझे लोकमंगल की दिशा दिखाती है। मैं धर्म को विभाजन नहीं, मानवीय मूल्यों का प्रकाश मानता हूँ। यही भाव मेरी रचनाओं में सहज रूप से उतर आता है।
✍🏻 कुमार धनंजय सुमन

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!! “कल्प भेंटवार्ता : व्यक्तित्व परिचय : श्रीमती मुक्ता शर्मा” !!

स्वतंत्रता-पूर्व के साहित्य का मुख्य उद्देश्य सामान्य जनमानस के भीतर राष्ट्रीय चेतना का जागरण करना व सामाजिक कुरीतियों व विसंगतियों पर प्रहार करना था। ऐसे साथ-साथ प्रकृति प्रेम भी मुख्य विषय था।
स्वतंत्रता के पश्चात का अधिकांश साहित्य विभाजन के दंश विकास के सुझावों सामाजिक समरसता व भविष्य की नवीन संभावनाओं पर आधारित था।
✍🏻 मुक्ता शर्मा

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!! “कल्पकथा साप्ताहिक आमंत्रण : स्वरचित काव्य सृजन विशेष” !!

📜 विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/जून/२०२६/द” !! 📜
👨 विषय :- !! “स्वैच्छिक” !! 👨
 ⏰ समयावधि :- !! “दिनाँक २२/०६/२०२६, सोमवार प्रातः ०८.०० बजे से दिनाँक २६/०६/२०२६, शुक्रवार रात्रि १०.०० बजे तक” !! ⏰
📚 विधा :- !! “काव्य” !! 📚
📖 शब्द सीमा : !! न्यूनतम १० एवं अधिकतम २० पंक्तियाँ !! 🗒️ 
 📢 भाषा :- !! “हिन्दी/संस्कृत (देवनागरी लिपि)” !! 📣

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