
!! व्यक्तित्व परिचय : बाल साहित्यकार मिहू अग्रवाल !!
- कल्प भेंटवार्ता
- 15/11/2025
- लेख
- साक्षात्कार
- 0 Comments
मेरे परिवार का माहौल बहुत धार्मिक है। मुझे कान्हा जी अच्छे लगते है व मुझे अपने परिवार से प्यार है।
Continue ReadingDark
Auto
Light
Dark
Auto
Light

मेरे परिवार का माहौल बहुत धार्मिक है। मुझे कान्हा जी अच्छे लगते है व मुझे अपने परिवार से प्यार है।
Continue Reading
अगर एक दिन के लिए मुझे प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो मैं सबसे पहले शनिवार की भी छुट्टी घोषित कर दूंगी और बच्चों के लिए विद्यालय में एक और पर्यावरण से जुड़ा विषय भी जोड़ दूंगी।
Continue Reading
रचनाकार सदा स्वान्तः सुखाय लिखता है। पर जब उसका लेखन किसी को अपना सा लगता है, तब रचना सार्थक हो जाती है। जब पाठक वर्ग रचनाकार की भावभूमि पर आकर तादात्म्य स्थापित कर लेता है, तब मन सहज ही एक आत्मसंतुष्टि से भर जाता है। इसके साथ ही नवसृजन हेतु स्वतः ही प्रेरणा प्राप्त हो जाती है।
Continue Reading
कल्पकथा साहित्य संस्था एक ऐसा मंच है जो लुप्त होते जा रहे जीवन मूल्यों को पुनः प्रतिष्ठित करने हेतु प्रयासरत है ।विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा दे रहा है, सांस्कृतिक चेतना का केंद्रस्थल बनता जा रहा है।
Continue Reading
भोजपुरी भाषा और भोजपुरी बोली , मिठास के साथ-साथ एक आदर-सत्कार वाली साहित्यिक भाषा है । लगभग साठ-सत्तर के दशक में, फिल्म जगत में इसपर काफी कार्य हुए। इसका वर्तमान और भविष्य भी सुरक्षित है। आज के आधुनिक युग में इसपर काफी शोधकार्य हुए हैं।
Continue Reading
साहित्यकार को समाज का आँख, नाक और कान ही नहीं, चेतना भी बनना चाहिए। साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उस पर जमी जड़ता की धूल को साफ करने का भी एक साधन है।
Continue Reading
विश्व हिंदी को साहित्यिक गरिमा प्रदान करने हेतु यदि मौलिक सिद्धांतों की बात की जाए तो ,
१. साहित्य विभाजन न करता हो। देश, धर्म, जाति या और भी कोई प्रकार का विभाजन , उससे ऊपर होकर लिखा जाए।
२. नए विश्व में नई समस्याएं हैं जिसमें रिश्तों की समीकरण बदली है, मनोवैज्ञानिक रूप से अलग तरह की उलझने बढ़ी है जो सब देशों, समुदायों में समान है।
इस सबके बीच मनुष्य को मूल प्रेरणा देने वाला साहित्य हमेशा जरूरी रहेगा।
३. साहित्य में विविधता हो, जो देश काल का ध्यान रखते हुए रखी जाए।

दर्शकों-श्रोताओं पाठकों का हृदय की अनन्त गहराईयो से आभार व्यक्त करना चाहती हूँ। व्यस्त जिंदगी के अनमोल समय में से समय निकाल कर मेरा उत्साह वर्धन किया।
Continue Reading
★ चर्चित जी :- शस्त्र लेखनी जानिए, आवश्यक है ज्ञान।
शक्ति समाहित है यहाँ, बस कर लो पहचान।।
★ मृदुल जी :-
आप आप और आप ही, सदा आपके साथ।
है अनंत के पंत में, आप स्वयं शिवनाथ।।

जीवन है एक अधूरी कविता,
कोई पढ़े कोरान या कोई पढ़े गीता,
यदि राधा श्री शर्मा की तरह
“सर्वे भवन्तु सुखिन: का
संकल्प नहीं लिया तो
समझो अपना जीवन व्यर्थ बीता।
जीवन एक अधूरी कविता।