
“कल्प संवादकुंज – नेफा के नायक जसवंत सिंह रावत”
- Kalp Samwad Kunj
- 13/08/2025
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नेफा के नायक
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नेफा के नायक
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📜 विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/अगस्त/२०२५/ब” !! 📜
📚 विषय :- !! “वन्दे मातरम्” !! 📚
⏰ समयावधि :- दिनाँक ११/०८/२०२५ प्रातः ०८.०० बजे से दिनाँक १५/०८/२०२५ रात्रि १०.०० बजे तक ⏰
🪔 विधा :- !! “स्वैच्छिक” !! 🪔
📢 भाषा :- !! “हिन्दी, संस्कृत” !! 📣

“कल्प भेंटवार्ता” – श्री भगवान दास शर्मा प्रशांत जी के साथ”
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📜 विशिष्ट आमंत्रण क्रमांक :– !! “कल्प/अगस्त/२०२५/अ” !! 📜
📚 विषय :- !! “रक्षाबंधन” !! 📚
⏰ समयावधि :- दिनाँक ०४/०८/२०२५ प्रातः ०८.०० बजे से दिनाँक ०८/०८/२०२५ रात्रि १०.०० बजे तक ⏰
🪔 विधा :- !! “काव्य” !! 🪔
📢 भाषा :- !! “हिन्दी, संस्कृत” !! 📣

साहित्यकार को समाज का आँख, नाक और कान ही नहीं, चेतना भी बनना चाहिए। साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उस पर जमी जड़ता की धूल को साफ करने का भी एक साधन है।
Continue Readingचरक संहिता में उल्लेखित सितोपलादि चूर्ण पर विस्तार से विवरण देने के पहले महर्षि चरक, जो “चरक संहिता” के प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक थे,के बारे में संक्षिप्त जानकारी यहाँ साँझा करना उचित रहेगा। वैसे तो महर्षि चरक द्वारा अनेक औषधियों को प्रतिपादित किया गया है और सभी की सभी काफी गुणकारी हैं लेकिन सितोपलादि चूर्ण एक ऐसी औषधि है जिसे अमृत तुल्य माना गया है। अब सबसे पहले …
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📜 विशिष्ट प्रतियोगिता क्रमांक :– !! “कल्प/जुलाई/२०२५/क” !! 📜
📚 विषय :- !! “सावन मनभावन” !! 📚
⏰ समयावधि :- दिनाँक २८/०७/२०२५ प्रातः ०८.०० बजे से दिनाँक २९/०७/२०२५ रात्रि १०.०० बजे तक ⏰
🪔 विधा :- !! “स्वैच्छिक” !! 🪔
📢 भाषा :- !! “हिन्दी, संस्कृत” !! 📣

विश्व हिंदी को साहित्यिक गरिमा प्रदान करने हेतु यदि मौलिक सिद्धांतों की बात की जाए तो ,
१. साहित्य विभाजन न करता हो। देश, धर्म, जाति या और भी कोई प्रकार का विभाजन , उससे ऊपर होकर लिखा जाए।
२. नए विश्व में नई समस्याएं हैं जिसमें रिश्तों की समीकरण बदली है, मनोवैज्ञानिक रूप से अलग तरह की उलझने बढ़ी है जो सब देशों, समुदायों में समान है।
इस सबके बीच मनुष्य को मूल प्रेरणा देने वाला साहित्य हमेशा जरूरी रहेगा।
३. साहित्य में विविधता हो, जो देश काल का ध्यान रखते हुए रखी जाए।

भारतीय चिकित्सा परंपरा का आधारभूत स्तंभ “आयुर्वेद” न केवल शारीरिक उपचार की प्रणाली है, बल्कि यह जीवन को दीर्घायु, स्वस्थ और संतुलित बनाने का शास्त्र भी है। इस प्राचीन विज्ञान के सूत्रधारों में महर्षि चरक का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने चिकित्सा विज्ञान को औषधि, आहार, दिनचर्या, मनोविज्ञान और नीतिशास्त्र के साथ जोड़कर इसे समग्र जीवन-दर्शन का रूप प्रदान किया।
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“!! कल्प संवादकुंज- आयुर्वेद विशारद – महर्षि चरक !!”
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